भाजपा का ममता बनर्जी सरकार पर हमला- TMC ने DA पर कर्मचारियों से किया धोखा

WB Election 2026 BJP Press Conference: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के बीच भाजपा प्रवक्ता देवजीत सरकार ने टीएमसी की उम्मीदवार सूची को भ्रष्ट चेहरों का जमावड़ा बताया है. उन्होंने डीए भुगतान में देरी और प्रशासनिक निष्पक्षता के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरा और चुनाव आयोग के तबादलों का समर्थन किया. पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

WB Election 2026 BJP Press Conference: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा चढ़ गया है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता देवजीत सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवारों की लिस्ट को ‘भ्रष्टाचार का प्रतिबिंब’ करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने प्रशासन और पार्टी के अंतर को खत्म कर दिया है, जिससे राज्य का लोकतांत्रिक ढांचा चरमरा गया है.

TMC की उम्मीदवार सूची पर सवाल – दागियों को फिर मिला मौका?

देवजीत सरकार ने टीएमसी की लिस्ट पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने उन चेहरों पर फिर से भरोसा जताया है, जो गंभीर प्रशासनिक भ्रष्टाचार और राजनीतिक रसूख के दुरुपयोग के आरोपों में घिरे हैं. उन्होंने दावा किया कि विवादित व्यक्तियों को उम्मीदवार बनाकर सत्ताधारी दल ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें जनता के भरोसे से ज्यादा अपने ‘कैडर’ के रसूख पर यकीन है.

DA का मुद्दा : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी ‘किस्तबाजी’ का खेल

सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को घेरते हुए इसे ‘विश्वासघात’ करार दिया है.

  • आरोप : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद सरकार पूरा डीके बकाया (DA Arrear) देने की बजाय आंशिक और चरणबद्ध भुगतान की योजना बना रही है.
  • अवधि का खेल : वर्ष 2008 से बकाया होने के बावजूद सरकार इसे 2016-2019 तक सीमित कर रही है.
  • GPF का दांव : बकाया राशि नकद देने की बजाय जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) में जमा करने के फैसले को भाजपा ने ‘भुगतान टालने की साजिश’ करार दिया.
  • अधर में कर्मचारी : पंचायत, नगरपालिकाओं और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारी अब भी महंगाई भत्ता के लाभ से वंचित हैं.

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WB Election 2026 BJP Press Conference: स्वतंत्र चुनाव के लिए जरूरी ट्रांसफर-पोस्टिंग

चुनाव आयोग द्वारा बड़े पैमाने पर आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादलों का भाजपा ने स्वागत किया है. देवजीत सरकार ने कहा कि अनुच्छेद 324 के तहत ये बदलाव जरूरी थे. उन्होंने कहा- बंगाल में प्रशासन और सत्ताधारी दल के बीच की लक्ष्मण रेखा मिट चुकी थी. निष्पक्ष और आतंकमुक्त चुनाव के लिए आयोग का यह कदम लोकतंत्र को पुनर्जीवित करेगा.

देवजीत सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें

  • टीएमसी पर दागी और विवादित चेहरों को तरजीह देने का आरोप.
  • पार्टी और सरकारी तंत्र के एकीकरण पर चिंता जतायी गयी.
  • बकाया DA के किस्तों में भुगतान और GPF में जमा करने के फैसले की निंदा.
  • बंगाल की जनता जागरूक है और ‘आतंकमुक्त’ मतदान के लिए तैयार है. बंगाल में परिवर्तन की लहर है.

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मजाक उड़ा रही है. बकाया डीए को किस्तों में बांटना और उसे जीपीएफ में डालना सरकारी कर्मचारियों के साथ भद्दा मजाक है. बंगाल अब बदलाव की मांग कर रहा है.

देवजीत सरकार, मुख्य प्रवक्ता, भाजपा, पश्चिम बंगाल

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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