बंगाल कांग्रेस की ओवरहॉलिंग की तैयारी, 32 संगठनात्मक जिलों में पर्यवेक्षक भेजेंगे मल्लिकार्जुन खरगे

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए कमर कस रही है. पार्टी आलाकमान ने राज्य के सभी 32 संगठनात्मक जिलों में केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजने का फैसला किया है. जानें क्या है पार्टी की योजना.

पश्चिम बंगाल में अपनी खोयी हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने और संगठन में नयी जान फूंकने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने कमर कस ली है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य के सभी 32 संगठनात्मक जिलों में अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भेजने का फैसला किया है. ये पर्यवेक्षक सीधे जिला नेताओं, ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर स्थिति का जायजा लेंगे.

पर्यवेक्षकों की जल्द घोषणा करेंगे खरगे

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को बताया कि इसका उद्देश्य जिला अध्यक्षों के चयन में पारदर्शिता लाना है. पहले यह शिकायतें आती थीं कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में केवल राज्य स्तर के शीर्ष नेताओं की पसंद को ही तवज्जो दी जाती थी. अब एआईसीसी पर्यवेक्षकों की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर ही जिलाध्यक्ष बनाये जायेंगे. प्रत्येक जिले के लिए अलग पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा सकता है, जिसकी घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जल्द करेंगे.

नये एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने कमान संभाली

हाल ही में गुलाम मीर की जगह उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल का नया कांग्रेस प्रभारी बनाया गया है. प्रभारी बनने के बाद प्रकाश जोशी ने कोलकाता पहुंचकर सोमवार से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ पहले दौर की महत्वपूर्ण बैठकें शुरू कर दी हैं. बैठकों का दौर मंगलवार को भी जारी रहेगा.

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जिला स्तर के नेताओं को मिला था 10-सूत्रीय संगठनात्मक एजेंडा

बैठक से पहले जिला स्तर के नेताओं को एक 10-सूत्रीय संगठनात्मक एजेंडा भेजा गया था, जिसके तहत संगठन की वर्तमान स्थिति, नगर पालिकाओं, नगर निगमों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है.

नये कार्यकर्ताओं की बनेगी सूची, दागी नेताओं के लिए दरवाजे बंद

समीक्षा बैठक के तहत प्रभारी प्रकाश जोशी ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का पूरा ब्योरा मांगा है. इसमें वे किस राजनीतिक दल (जैसे टीएमसी या भाजपा) से आये हैं, उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि, उम्र और उन्हें पार्टी में दी गयी जिम्मेदारियों की जानकारी मांगी गयी है.

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भ्रष्टाचार या आपराधिक छवि वालों के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों से नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं. पार्टी ने साफ कहा है कि वह किसी भी दागी नेता को शरण नहीं देगी. एआईसीसी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि अन्य दलों से आये स्वच्छ छवि के नेताओं का पार्टी में स्वागत होगा, लेकिन जिन पर भ्रष्टाचार या गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर कांग्रेस में शामिल नहीं किया जायेगा.


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By मिथिलेश झा

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