महानगर के देशबंधु पार्क में जल संकट गहराया

कोलकाता निगम से स्थायी समाधान की मांग

कोलकाता निगम से स्थायी समाधान की मांग कोलकाता. उत्तर कोलकाता के वार्ड-12 स्थित जेबी राय स्टेट आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से सटे देशबंधु पार्क, जिसे उत्तर कोलकाता का ”लंग्स” कहा जाता है, इन दिनों जल संकट से जूझ रहा है. 32 बीघा जमीन पर फैला यह उत्तर कोलकाता का सबसे बड़ा पार्क है, जिसमें एक स्वीमिंग पूल भी है. इस संबंध में स्थानीय पार्षद डॉ मीनाक्षी गंगोपाध्याय ने निगम के मासिक अधिवेशन में एक प्रस्ताव पेश किया है. उन्होंने अपने प्रस्ताव में देशबंधु पार्क में जल संकट को दूर करने के लिए पार्क के भीतर पानी की लाइनें बिछाए जाने की मांग की है. उन्होंने सदन को बताया कि पार्क के स्वीमिंग पूल के लिए तो पानी की पाइपलाइन है, पर पार्क के शेष क्षेत्र में जलापूर्ति नहीं होती है. पेड़-पौधों को पानी डालने के लिए निगम की ओर से जल वाहन भेजे जाते हैं. पार्षद ने इस समस्या के लिए सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि पार्क में पानी की पाइपलाइन बिछाने से न केवल पार्क को पानी मिलेगा, बल्कि माली के आवास और आम लोगों के लिए बने शौचालयों व पेयजल की भी सुविधा होगी. उन्होंने यह भी कहा कि देशबंधु पार्क के भीतर एक ””””पे एंड यूज़”””” शौचालय की बहुत आवश्यकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि पार्क में पहले से स्थित शौचालय का नवीनीकरण कर उसे पे एंड यूज टॉयलेट में बदलने से पूरे क्षेत्र के लिए सुविधाजनक स्थिति होगी. डॉ मीनाक्षी गंगोपाध्याय के इस प्रस्ताव के जवाब में निगम के पार्क एंड स्क्वायर विभाग के मेयर परिषद के सदस्य देवाशीष कुमार ने बताया कि 32 बीघा जमीन पर स्थित इतने बड़े पार्क में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा सकती है, लेकिन क्या निगम का जलापूर्ति विभाग उतने बड़े पार्क में पेयजल की आपूर्ति करेगा? उन्होंने कहा कि अगर विभाग की ओर से अनुमति मिलती है तो वे जरूर पाइपलाइन बिछा देंगे. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वे यहां अलग से शौचालय नहीं बना सकते, जो पहले से हैं, उनकी मरम्मत करायी जा सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sandip tiwari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >