चुनाव पूर्व सड़क व आवास योजना पर तृणमूल सरकार का प्रचार झूठा : शुभेंदु

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी सड़क व आवासीय योजनाओं को लेकर झूठा प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर राज्य की सड़कों की अवस्था अत्यंत जर्जर है.

कोलकाता.

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी सड़क व आवासीय योजनाओं को लेकर झूठा प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर राज्य की सड़कों की अवस्था अत्यंत जर्जर है. अधिकारी ने पथश्री, बांग्लार बाड़ी सहित अन्य योजनाओं से जुड़े ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार आने पर गैर-कानूनी या संदिग्ध कंस्ट्रक्शन के लिए कोई पैसा नहीं दिया जायेगा. सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में शुभेंदु ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत द्वारा हाल ही में जारी एक नोटिफिकेशन में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और बीडीओ को रोड और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, पीने के पानी की सप्लाई और आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान योजना का जोरदार प्रचार करने का निर्देश दिया गया है, चाहे काम पूरा हो या नहीं. अधिकारी ने दावा किया कि हाल के महीनों में 9,114 योजनाओं के लिए करीब 7,000 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किये गये हैं और कार्य शुरू किया गया है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि योजना क्रियान्वयन के लिए मात्र 10 प्रतिशत फंड आवंटित किया गया है. ठेकेदारों को बिना पेमेंट किये काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने कार्य कर रहे ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य मेंं भाजपा सरकार आने के बाद गैर-कानूनी या संदिग्ध कंस्ट्रक्शन से जुड़े पेमेंट नहीं किये जायेंगे. राज्य प्रशासन पॉलिटिकल कैंपेन मशीनरी में बदला

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को तृणमूल सरकार के 15 साल के विकास की कहानी दिखाने के लिए पर्चे, माइक्रोफोन और मुख्यमंत्री की तस्वीरों का इस्तेमाल करके जोरदार कैंपेन चलाने के निर्देश दिये गये हैं. इसके साथ ही किसी भी योजना के शिलान्यास समारोह के बाद पंचायत स्तर पर मीटिंग कराने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि ऐसी हर मीटिंग में कम से कम 500 लोगों की मौजूदगी तय की गयी है, जिसमें तृणमूल के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट मौजूद होंगे और कम से कम 50 प्रतिशत दर्शक महिलाएं होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि एडमिनिस्ट्रेशन को पॉलिटिकल कैंपेन मशीनरी में बदल दिया गया है. भाजपा विधायक ने मनरेगा योजना को लागू करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया और दावा किया कि आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होने के बाद राज्य में 2,56,38,503 जॉब कार्ड में से सिर्फ 1,60,97,695 ही वेरिफाई हुए हैं, जो देश में सबसे कम, सिर्फ 62.9 प्रतिशत है. उन्होंने दावा किया कि बाकी जॉब कार्ड फर्जी हैं, जिसके माध्यम से तृणमूल कांग्रेस सरकार ने वर्षों हजारों करोड़ रुपये का गबन किया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही एक डिटेल्ड लिस्ट जारी की जायेगी. संगठन के मोर्चे पर अधिकारी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में अपने जमीनी नेटवर्क को तेजी से मजबूत कर रही है, जिसमें प्राइमरी मेंबरशिप की जांच के लिए बूथ, मंडल और जिला लेवल पर जांच कमेटियां बनायी गयी हैं. अधिकारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य बंगाल में भाजपा का वोट शेयर 39 प्रतिशत से बढ़ाकर 51 प्रतिशत करना और राज्य में असली बदलाव लाने के लिए 50 लाख नये वोट जोड़ना है.

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Published by: Bijay kumar

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