राज्य का विकास नहीं चाहती तृणमूल, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने सत्तारूढ़ पार्टी पर साधा निशाना
कोलकाता. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों के लिए प्रति किसान लगभग 25,000 रुपये खर्च करेगी, ताकि नारियल के पेड़ों की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके और उत्पादन को बेहतर बनाया जा सके. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य की तृणमूल सरकार को सकारात्मक रवैया अपनाना होगा.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिससे भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके. इसके विपरीत, पश्चिम बंगाल के बजट में सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीक के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार का पूरा ध्यान केवल मदरसों पर केंद्रित है.डॉ मजूमदार ने कहा कि जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तब राज्य का मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के साथ मिलकर विकसित बंगाल के लिए एक मजबूत और जनहितकारी बजट सुनिश्चित करेगा.उन्होंने कहा कि यह तथ्य अत्यंत चिंताजनक है कि बंगाली लोगों को पीटा जा रहा है और उन्हें मजबूरी में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल वास्तव में बंगालियों की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है. उन्होंने रेजिनगर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार के मंत्री सिद्दिकुल्ला चौधरी द्वारा एक नाबालिग के साथ मारपीट की गयी, जो सरकार की मानसिकता को दर्शाता है. डॉ मजूमदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मेडिकल कॉलेजों की स्थिति बेहद खराब है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरजी कर की घटना के खिलाफ आवाज उठाने वाले कई मेडिकल छात्रों को जान-बूझकर सप्लीमेंट्री परीक्षा दी गयी और उन पर भारी जुर्माना लगाया गया. उन्होंने कहा कि राज्य में भय का माहौल है और धमकी की संस्कृति हावी है. स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति को उन्होंने दयनीय और पूरी तरह से विफल बताया.डॉ. सुकांत मजूमदार ने बंगाल की जनता से अपील की कि वे भाजपा के संकल्प पत्र के लिए ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से अपने सुझाव और विचार अवश्य दें, ताकि एक मजबूत, सुरक्षित और विकसित बंगाल का निर्माण किया जा सके.
