बंगाल विधानसभा में आज UCC विधेयक पर महासंग्राम, ममता और रीतब्रत गुट में नंबर-1 बनने की होड़

UCC Bill West Bengal Assembly: पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को भाजपा सरकार के प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर ऐतिहासिक संग्राम होने वाला है. विधेयक के विरोध पर ममता बनर्जी और रीतब्रत बनर्जी गुट में टीएमसी की राजनीतिक विरासत पर कब्जे की अनोखी जंग छिड़ गयी है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

UCC Bill West Bengal Assembly: पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार का दिन ऐतिहासिक और हंगामेदार होने वाला है. सूबे की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अपना सबसे महत्वाकांक्षी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) विधेयक विधानसभा में पेश करने जा रही है. राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन को खत्म करने के 2 महीने के भीतर ही भाजपा इस बड़े वैचारिक वादे को अमलीजामा पहनाने जा रही है.

टीएमसी के 2 गुटों के बीच होगी असली जंग

इस बार विधानसभा में किसी बिल पर लड़ाई सिर्फ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीमित नहीं रहने वाली है. असल मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के उन 2 विरोधी गुटों के बीच होने जा रहा है, जो इस कानून के खिलाफ मुख्य आवाज बनने की होड़ में हैं. पार्टी पर नियंत्रण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) के बीच महीने भर से जारी खींचतान अब सदन के पटल पर खुलकर सामने आयेगी, क्योंकि दोनों गुट खुद को असली टीएमसी साबित करने में जुटे हैं.

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संवैधानिक सिद्धांतों पर हमला है यूसीसी : ममता बनर्जी

दोनों गुटों ने विधेयक का कड़ा विरोध करने के संकेत दिये हैं, लेकिन दोनों की रणनीतियां और सदन में वक्ता अलग-अलग हैं. वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में ममता बनर्जी ने अपने ‘कालीघाट कैंप’ को निर्देश दिया है कि वे इस कानून का पुरजोर विरोध करें. ममता बनर्जी का तर्क है कि यह कानून देश की विविधता, सामाजिक सहमति और संवैधानिक सिद्धांतों के सीधे खिलाफ है.

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UCC Bill West Bengal Assembly: रीतब्रत बनर्जी गुट की है अलग तैयारी

रीतब्रत बनर्जी का खेमा स्वतंत्र रूप से इस कानून को लाने में सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, सदन में बहुमत होने के कारण भाजपा को इस विधेयक को पारित कराने में कोई खास मुश्किल नहीं होगी, लेकिन राजनीतिक नजरिये से यह बहस बहुत अहम है. प्रस्तावित यूसीसी कानून का मकसद धर्म से अलग जाकर शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों के लिए एक साझा कानूनी ढांचा बनाना है, जिसकी जगह अब तक धर्म-आधारित कानून लागू थे.

क्या है यूसीसी का मकसद

प्रस्तावित कानून का मकसद धर्म से अलग, शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े मामलों के लिए एक साझा नागरिक ढांचा बनाना है, ताकि धर्म-आधारित कानूनों की जगह एक समान कानूनी व्यवस्था लागू की जा सके.

चर्चा में कौन-कौन लेंगे भाग

सोमवार की कार्यवाही के दूसरे हिस्से में इस विधेयक पर चर्चा होने की संभावना है. चर्चा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी और कई वरिष्ठ विधायकों के लिए बोलने का समय तय किया गया है.

सुबह 11 बजे से शुरू होगी कार्यवाही

यूसीसी विधेयक सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जा सकता है. इस पर विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर दिया जायेगा. सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली कार्यवाही के दौरान सरकार कई अन्य विधेयक भी सदन में पेश करेगी.

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By Mithilesh Jha

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