हावड़ा से कुंदन कुमार झा की रिपोर्ट
भारत-नेपाल सीमा (पानीटंकी इमिग्रेशन कार्यालय) पर दस्तावेजों की जांच के दौरान संदिग्ध पाये जाने के बाद गिरफ्तार किये गये अफगानी युवक अब्दुल्ला खान, उसके साथी नियामत खान और सहयोगी शंकर बोनिक से दार्जिलिंग के खड़िबाड़ी थाने की पुलिस गहन पूछताछ कर रही है.
हावड़ा सिटी पुलिस जांच में जुटी
दोनों अफगानी नागरिक हावड़ा के शिवपुर थाना अंतर्गत शील बस्ती लेन स्थित एक अपार्टमेंट में लंबे समय से रह रहे थे और बीते शनिवार को ही यहां से फरार हुए थे. वे नेपाल के रास्ते थाईलैंड भागने की फिराक में थे. इस बीच हावड़ा सिटी पुलिस के खुफिया विभाग की टीम भी मामले की जांच में जुट गयी है.
एजेंट के रूप में काम करने का आरोप
हावड़ा सिटी पुलिस के खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में अब्दुल्ला खान और नियामत खान के एक आतंकी संगठन से जुड़े होने और एजेंट के रूप में काम करने के पुख्ता सुराग मिले हैं.
जांच में सामने आयी मुख्य बातें
- भारत आगमन और व्यवसाय: वर्ष 2014 में अब्दुल्ला के पिता फैजल खान उसे काबुल से अस्थायी वीजा पर हावड़ा लेकर आये थे. उन्होंने शिवपुर के शील बस्ती लेन (वार्ड 36) में फ्लैट खरीदा और मंगलाहाट में गारमेंट्स का कारोबार शुरू किया.
- व्यापार का विस्तार: बाद में स्थानीय रसूख के बल पर अब्दुल्ला ब्याज पर पैसे देने और प्रमोटिंग (प्रॉपर्टी विकास) के व्यवसाय से जुड़ गया.
- नियामत की एंट्री: वर्ष 2021 में नियामत खान भी हावड़ा पहुंचा और अब्दुल्ला के साथ उसी फ्लैट में रहने लगा.
- फर्जी दस्तावेज निर्माण: दोनों पर आरोप है कि वे भारत में अवैध रूप से रहते हुए फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड बनाने के खेल में शामिल थे.
चुनाव नतीजों के बाद भागे, पुलिस जांच जारी
राज्य में सरकार बदलने और चुनाव के नतीजे आने के बाद अब्दुल्ला के पिता फैजल खान पहले ही फरार हो चुके थे. इसके बाद अब्दुल्ला और नियामत भी शनिवार को शहर छोड़कर सीमा की ओर निकल गये थे, जहां इमिग्रेशन अधिकारियों की सतर्कता से दोनों दबोचे गये.
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कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त
पुलिस ने शिवपुर स्थित उनके फ्लैट से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये हैं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हावड़ा पुलिस के डीसी (डीडी) राहुल मिश्रा ने बताया कि जांच में मिल रही तमाम जानकारियों और सबूतों को पश्चिम बंगाल एसटीएफ के साथ साझा किया जा रहा है.
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