कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट
बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम के बीच मछली पकड़ने गये एक ट्रॉलर के के साथ बड़ा हादसा हो गया. वह डूब गया. घटना दक्षिण 24 परगना के बकखाली तट से करीब 14 किलोमीटर दूर हुई. हादसे की जद में आये ट्रॉलर पर सवार सभी 12 मछुआरों ने ऊंची लहर और पानी की तेज धार के बीच ही घंटों का संघर्ष कर अपनी जान बचा ली. सभी मछुआरों को फ्रेजरगंज लाया गया, जहां उनके उपचार की व्यवस्था की गयी.
मछुआरों ने लगायी समुद्र में छलांग
जानकारी के अनुसार, प्राकृतिक आपदा के कारण गहरे समुद्र में मछली पकड़ने पर लगी रोक आठ जुलाई को हटा ली गयी थी. हालांकि समुद्र अब भी काफी उफान पर है. इसी बीच फ्रेजरगंज से ‘अल फातेहा’ नामक ट्रॉलर पर सवार 12 मछुआरे मछली पकड़ने निकले थे. बकखाली से कुछ दूर जब ट्रॉलर पहुंचा था, उसमें पानी भरने लगा. खतरा भांप कर कई मछुआरों ने समुद्र में छलांग लगा दी.
पाइप टूटने के कारण हुआ हादसा
कुछ ही देर में ट्रॉलर पूरी तरह डूब भी गया. हादसे का पता चलते ही आसपास मौजूद अन्य ट्रॉलर मदद में आगे बढ़े और बचने की कोशिश में संघर्ष कर रहे 12 मछुआरों को बाहर निकाला. डूबे हुए ट्रॉलर को भी समुद्र से निकाल कर किनारे लाने की कोशिश हो रही है. प्राथमिक जांच में पता चला है कि ट्रॉलर के इंजन से जुड़ी वह पाइप टूट गयी थी, जिससे अंदर का पानी बाहर निकाला जाता है. पाइप टूटने के कारण तेजी से समुद्र का पानी ट्रॉलर में भर गया और वह डूब गया.
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शंकरपुर के लापता मछुआरे भी मिले
पूर्व मेदिनीपुर के शंकरपुर से मछली पकड़ने को निकलने के बाद छह जुलाई से लापता 15 मछुआरों का भी शनिवार को पता चल गया. इनका ट्रॉलर दक्षिण 24 परगना के पाथरप्रतिमा स्थित गोबर्धनपुर के पास बाघेरचड़ क्षेत्र में समुद्र तट से करीब 15 किलोमीटर दूर मिला. इनके वापस मिल जाने इनके परिजनों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है.
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