कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस किसी की निजी संपत्ति नहीं है. लोकतंत्र किसी की मनमर्जी से नहीं चलता. रीतब्रत बनर्जी ने शनिवार को राष्ट्रीय चुनाव आयोग के साथ लंबी बैठक के बाद यह टिप्पणी की. कालीघाट तृणमूल और रीतब्रत तृणमूल के प्रतिनिधि शनिवार को चुनाव आयोग की सुनवाई में उपस्थित हुए ताकि यह तय किया जा सके कि आगामी उपचुनाव में किस दल का नाम और निशान होगा.
पहले सुना गया रीतब्रत का पक्ष
सबसे पहले चुनाव आयोग ने रीतब्रत गुट के साथ बैठक की. बैठक के बाद मीडिया के सामने रीतब्रत बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने विचार चुनाव आयोग के सामने रख दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में चुनाव चिह्न को लेकर कोई सीधी चर्चा नहीं हुई.
'तृणमूल कांग्रेस परिवार आधारित पार्टी नहीं '
शनिवार को रीतब्रत, अख्रुज्जमान, अरूप और चंद्रिमा अपने वकीलों के साथ बागी गुट की ओर से आयोग की सुनवाई में उपस्थित थे. रीतब्रत ने कहा कि आयोग ने उनके सवालों के जवाब दिए हैं और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं जो जल्द जमा कर दिए जाएंगे.
हम इस प्रक्रिया से संतुष्ट : रीतब्रत
उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग को अपना पक्ष बता दिया है. हमारी लगभग 80 मिनट तक बातचीत हुई. हम इस प्रक्रिया से संतुष्ट हैं और आयोग से 16 तारीख तक निर्णय देने का अनुरोध किया है.
ममता बनर्जी पर साधा निशाना
बैठक के बाद रीतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई हिसाब-किताब नहीं, कोई खाता-बही नहीं, ऐसा रवैया लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नहीं चल सकता. तृणमूल कांग्रेस परिवारवाद पर आधारित पार्टी नहीं है और न ही यह किसी की निजी संपत्ति है. यह तृणमूल स्तर के कार्यकर्ताओं की पार्टी है.
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'चुनाव आयोग से जल्द फैसले का अनुरोध'
रीतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे चुनाव आयोग के फैसले को लेकर पूरी तरह आशावादी हैं. फैसला चुनाव आयोग को लेना है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को. आयोग द्वारा मांगे गए सभी प्रासंगिक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
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