सीएम शुभेंदु अधिकारी के कड़े तेवर का आसर, 24 घंटे के भीतर टीएमसी नेता आसिफ इकबाल गिरफ्तार

पश्चिम मेदिनीपुर में टीएमसी नेता आसिफ इकबाल उर्फ 'टॉय' की रंगदारी और धमकी के आरोप में गिरफ्तारी हुई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कड़े निर्देशों के 24 घंटे के भीतर यह बड़ी कार्रवाई हुई है.

केशवपुर से जीतेश बोरकर की रिपोर्ट

केशपुर युवा तृणमूल के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष पर रंगदारी व धमकाने का आरोप, मेदिनीपुर कोर्ट में किया गया पेश खड़गपुर. पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से पुराने राजनीतिक मामलों की जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये जाने के महज 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. पुलिस ने केशपुर युवा तृणमूल कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आसिफ इकबाल उर्फ ‘टॉय’ को गिरफ्तार कर लिया है.

लोगों से रंगदारी वसूलने समेत कई आरोप

बुधवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी तृणमूल नेता को मेदिनीपुर अदालत में पेश किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आसिफ इकबाल के खिलाफ हाल ही में आम लोगों को कथित तौर पर डराने-धमकाने और अवैध वसूली (रंगदारी) करने की लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी थी. पुलिस इसी मामले की जांच के सिलसिले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है.

कौन हैं आसिफ इकबाल उर्फ 'टॉय'

केशपुर इलाके में 'टॉय' के नाम से चर्चित आसिफ इकबाल पूर्व में केशपुर युवा तृणमूल कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. स्थानीय राजनीति में अपनी सक्रियता के कारण क्षेत्र में उनका अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है. अचानक हुई इस गिरफ्तारी के बाद से ही पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल और कयासबाजी तेज हो गयी है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह से दर्ज शिकायत और जांच के आधार पर निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है.

मंच से मुख्यमंत्री ने एसपी को दिये थे सीधे निर्देश

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर स्थित मोहबनी में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली राजनीतिक हिंसा और भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठाया था.

केवल 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' से नहीं चलेगा काम

उन्होंने आरोप लगाया था कि केवल 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' का नारा लगाने के कारण कई निर्दोष कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया और फर्जी मामलों में जेल भेजा गया. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केशपुर में अपनी जनसभा को रोकने के प्रयासों का भी जिक्र किया था.

दोषियों को 'जेल में देखने' की बात कही थी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद पश्चिम मेदिनीपुर की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना को संबोधित करते हुए पुराने मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करने, फर्जी मुकदमों को वापस लेने तथा घटना में शामिल असली दोषियों को 'जेल में देखने' की बात कही थी.

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संयोग या राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री के कड़े रुख और पुलिस अधीक्षक को दिये गये निर्देशों के अगले ही दिन तृणमूल के पूर्व युवा ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी को राजनीतिक विशेषज्ञ बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं. एक तरफ जहां पुलिस इसे कानूनी प्रक्रिया और शिकायत पर आधारित कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी तरफ केशपुर में तृणमूल नेता की गिरफ्तारी और पुराने मामलों की जांच के आदेशों ने पूरे पश्चिम मेदिनीपुर जिले का राजनीतिक तापमान एक बार फिर चढ़ा दिया है.

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लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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