कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी गंवा चुके अभ्यर्थियों से कहा कि राज्य प्रशासन पहले शीर्ष अदालत से स्पष्टीकरण का अनुरोध करेगा, और जरूरत पड़ी तो पुनर्विचार याचिका दायर करेगा ताकि पात्र उम्मीदवारों के हितों की रक्षा हो सके. उन्होंने कहा: अगर स्पष्टीकरण हमारे पक्ष में नहीं आया तो हम दो महीने के अंदर वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे. कोई पात्र अभ्यर्थी बेरोजगार नहीं होगा. सरकार ने कोई निष्कासन पत्र नहीं भेजा है. इसलिए आप स्वैच्छिक तरीके से पढ़ाना जारी रख सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने तीन अप्रैल को सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों व गैर शिक्षण कर्मियों की नियुक्ति को अमान्य करार दिया.
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