युवा गो-सेवा और न्यायालय गोवध पर पाबंदी का कर्तव्य निभायें : पं विजय शंकर

”पूरी दुनिया में गो-सेवा एकमात्र सेवा है, जिसका प्रभाव रोम-रोम पर पड़ता है. शास्त्रों में लिखा है इस पृथ्वी के सात सूत्रण स्तंभ है, जिस पर पृथ्वी टिकी हुई है.

संवाददाता, कोलकाता

””””पूरी दुनिया में गो-सेवा एकमात्र सेवा है, जिसका प्रभाव रोम-रोम पर पड़ता है. शास्त्रों में लिखा है इस पृथ्वी के सात सूत्रण स्तंभ है, जिस पर पृथ्वी टिकी हुई है. पहला गाय, दूसरा ब्राह्मण, तीसरा वेद, चौथा सती स्त्री, पांचवा सत्यवादी, छठवां लोभ रहित और सातवां दानशील. इन सातों में पहला स्थान गाय का है. गाय कभी न खत्म होनेवाला मौलिक खजाना है हमारे देश का. जब हम आजाद हुए तो हमारे पास 120 करोड़ की संख्या में गो-धन था और आज 19 करोड़ 30 लाख रह गया है. भारत का गो-धन 75% नष्ट हो गया और 25% बचा है, जिसके लिए ये सब किया जा रहा है. यह उद्गार जीवन प्रबंधन गुरु पं. विजय शंकर मेहता (हमारे हनुमान परिवार, उज्जैन) ने गो सेवा को समर्पित देश की प्राचीनतम एवं अग्रणी संस्था कलकत्ता पिंजरापोल सोसाइटी की ओर से गो-संरक्षण, गो-संवर्धन, गो-पूजन एवं गो सेवा के क्षेत्र में जन-जागृति हेतु तपसिया के ओजस बैंक्वेट हॉल में आयोजित तीन दिवसीय विलक्षण गो-कथा के पहले दिन की कथा सुनाते हुए व्यक्त किये.

पं मेहता ने गाय के महत्व पर चिंतन करते हुए कहा कि आज भी भारत में सुबह सूर्य उदय के साथ हर रोज 50 से 60 हजार गायें काट दी जाती हैं. जब आप सुबह चाय पी रहे होते हैं, नाश्ते की प्लेट लिए होते हैं, दफ्तर जाने के लिए तैयार होते हैं, तब हमारी मां बलि चढ़ चुकी होती हैं. ये तीन दिन की कथा गो-वंश के रक्षा के संकल्प को समर्पित कथा है. इसे पाप और पुण्य से जोड़कर मत सुनिए. अब समय आ गया है हर भारतीय को सोचने का कि इस त्रासदी से देश को कैसे बचाया जाये. इसके लिए कुछ काम हमें बड़े योजनाबद्ध तरीके से करने होंगे. इसमें सबसे पहला होगा गो सेवा के क्षेत्र में दो लोगों को एप्रोच करना- नयी पीढ़ी और न्यायालय. नयी पीढ़ी का कर्तव्य होना चाहिए गो सेवा चालू रहे, न्यायालय का काम हो गोवध बंद हो. समाजसेवी दिलीप चौधरी, ट्रस्टी सजन कुमार बंसल, राधेश्याम गोयनका, अध्यक्ष रमेश कुमार सरावगी, मंत्री पवन कुमार टिबड़ेवाला, संरक्षक सत्यनारायण देवरालिया, बनवारी लाल सोती, कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद बंसल, संयोजक देवकीनंदन तोदी और मीडिया प्रमुख सुरेंद्र कुमार चमड़िया की उपस्थिति में कथा व्यास जीवन प्रबंधन गुरु पं विजय शंकर मेहता ने दीप प्रज्वलन कर कथा का शुभारंभ किया. आयोजन को सफल बनाने में सुरेंद्र चमड़िया, राजकमल बांगड़, दिलीप चौधरी, सजन कुमार बंसल, राधेश्याम गोयनका, सुरेश चंद बंसल, सत्यनारायण देवरालिया, देवराज रावलवासिया, बनवारीलाल सोती, रामस्वरूप अग्रवाल, बिनोद केडिया, गौरीशंकर कालुका, कमल केडिया, सुरेंद्र पटावरी, बिमल मल्लावत, नितिन सिंघी, अनुराग गुप्ता, संदीप तुलस्यान आदि गणमान्य लोगों ने भी व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया. आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद बंसल ने आयोजन के उद्देश्य, सोसाइटी के अध्यक्ष रमेश कुमार सरावगी ने सोसाइटी के 140 वर्षों के गोसेवा कार्यों का संक्षिप्त विवरण और मंत्री पवन कुमार टिबड़ेवाला ने सोसाइटी की वर्तमान सेवाओं और भावी प्रकल्पों पर प्रकाश डाला. संचालन प्रकाश चंडालिया ने किया.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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