आइवीएफ की अनुमति को हाइकोर्ट पहुंचा दंपती

न्यायाधीश ने कहा कि पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद वह शुक्रवार को इस पर फैसला सुनायेंगी.

कोलकाता. टेस्ट ट्यूब बेबी या आइवीएफ पद्धति से एक दंपती संतान चाह रहा है. लेकिन पति की उम्र को देखते हुए स्वास्थ्य भवन से इसकी अनुमति नहीं दी. इसके बाद दंपती हाइकोर्ट पहुंच गया. न्यायाधीश अमृता सिन्हा की बेंच में मामले की सुनवाई हुई. न्यायाधीश ने कहा कि पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद वह शुक्रवार को इस पर फैसला सुनायेंगी. जानकारी के अनुसार, दंपती कोलकाता के काशीपुर के रहनेवाले हैं. 1994 में उनकी शादी हुई थी. 30 साल गुजर जाने के बाद भी कोई संतान नहीं हुआ. इसलिए आइवीएफ के माध्यम से बच्चे के लिए प्रयास शुरू किया. लेकिन स्वास्थ्य भवन से अनुमति नहीं मिली. नियम के मुताबिक इसके लिए पुरुष की उम्र 22 साल से 55 साल तक होनी चाहिए. महिलाओं के लिए अधिकतम 50 साल निर्धारित है. लेकिन इस मामले में पुरुष की उम्र 58 वर्ष है. इसलिए उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिल रही है. न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान दंपती से पूछा कि इस उम्र में वह संतान की जिम्मेदारी उठा सकते हैं. इस पर दंपती के वकील ने कहा कि वे लोग आर्थिक रूप से समर्थ हैं. संतान का अच्छी तरह से पालन-पोषण कर सकते हैं.

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By Prabhat khabar news desk

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