प्रतिनिधि, हुगली.
चांपदानी नगरपालिका के गेट पर मृत कुत्ते और नाले की गंदगी फेंक कर सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. अस्थायी सफाई कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. उनकी मांग है कि उन्हें कम से कम 15 हजार रुपये हर महीने दिये जायें. अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किया जाये. इस आंदोलन की वजह से चेयरमैन तो दूर, एक भी पार्षद पालिका गेट पर नहीं दिखे. पालिका के कर्मचारी समय से अपनी ड्यूटी पर आये, पर उन्हें प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अंदर घुसने नहीं दिया. प्रवेश द्वार पर नालियों का कचरा और मरा हुआ कुत्ता फेंका हुआ था. ऐसे में अंदर जाना मुश्किल था, इसलिए काफी देर तक इंतजार करने के बाद एक-एक कर कर्मचारी अपने घर लौट गये.
इससे पहले, भी चांपदानी नगरपालिका के अस्थायी सफाई कर्मचारी अपने वेतन और समय पर भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं. उनका आरोप है कि लंबे समय से सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को बहुत कम वेतन मिल रहा है. वह भी समय पर नहीं मिलता. किसी का दो महीने का तो किसी का तीन महीने का वेतन बकाया है. बार-बार नगरपालिका चेयरमैन को सूचित करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ. शनिवार को बारिश के बीच कर्मचारी नगरपालिका गेट के सामने एकत्र हुए और वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगे. उन्होंने नगरपालिका के प्रवेश द्वार पर कचरा व मृत कुत्ता फेंक कर तृणमूल के झंडे के साथ विरोध जताया. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वेतन नहीं बढ़ाया जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे. इस संबंध में नगर पालिका प्रशासन या चेयरमैन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. नगरपालिका सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर सोमवार को चर्चा हो सकती है.
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