नौकरी गंवाये शिक्षकों व गैर शिक्षाकर्मियों ने एसएससी भवन के सामने दिया धरना

कलकत्ता हाइकोर्ट ने बेरोजगार ग्रुप-सी व डी गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भत्ते देने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है.

योग्य शिक्षाकर्मियों व ग्रुप सी व डी के कर्मचारियों ने निकाला जुलूस

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने बेरोजगार ग्रुप-सी व डी गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भत्ते देने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. नौकरी वापस मांगने पर अड़े इन्हीं कर्मचारियों ने बुधवार को एसएससी भवन के सामने चक्का जाम किया. चक्का जाम के बाद कर्मचारियों ने स्कूल सेवा आयोग के चेयरमैन के साथ बैठक भी की, जो तीन घंटे तक चली. बुधवार को करुणामयी से एसएससी भवन तक जुलूस निकाला गया और ””योग्य”” कर्मचारियों ने भवन के सामने धरना दिया. वे एसएससी चेयरमैन से बैठक की मांग पर अड़े रहे. शाम साढ़े चार बजे तक ग्रुप सी और डी के पांच प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए. एसएससी के चेयरमैन से बातचीत के बाद वे आगे की रणनीति बनायेंगे.

दूसरी ओर, जुलूस के बाद एसएससी भवन में एक कर्मचारी बीमार पड़ गया. उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने 2016 के एसएससी पैनल में शामिल करीब 26 हजार लोगों की नौकरी रद्द करने का आदेश दिया है. इनमें 1,255 ग्रुप-सी और 2,139 ग्रुप-डी के गैर-शिक्षण कर्मी भी शामिल हैं. इन सभी शिक्षाकर्मियों की नौकरी बहाल करने की मांग को लेकर ””योग्य”” ग्रुप-सी व डी अधिकार मंच द्वारा एसएससी भवन तक जुलूस निकाला गया. जुलूस में बेरोजगार शिक्षाकर्मियों ने मांग की कि प्रमाणित सूची शीघ्र प्रकाशित की जाये. साथ ही सीबीआइ द्वारा बरामद 22 लाख ओएमआर शीट की प्रतियां एसएससी की वेबसाइट पर अपलोड क��� जायें.

आंदोलनकारी ग्रुप-सी शिक्षाकर्मी अमित मंडल ने कहा कि सरकार ने विभिन्न तरीकों से अक्षम लोगों की मदद करने की कोशिश करते हुए हम जैसे योग्य लोगों को सड़कों पर ला दिया है. हमें जल्दी से जल्दी अपनी नौकरी बहाल करने की व्यवस्था करनी चाहिए.

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Published by: Subodh kumar singh

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