तारातला हादसा: अब तक 10 श्रमिकों के शव बरामद, कईयों की हुई पहचान

Taratala Factory Shed Collapse: वार्ड नंबर 79 में ब्रेस ब्रिज के डिपो के पास गोदाम का निर्माण हो रहा था. राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था. जब तृणमूल पार्षद मौके पर पहुंचे, तो उन्हें गर्दन पकड़कर बाहर धकेल दिया गया.

Taratala Factory Shed Collapse: कोलकाता: तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की लोहे की बीम और टिन की छतें गिरने से भीषण दुर्घटना हो गई है. अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, बचाव दल को आशंका है कि यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है. बचाए गए और घायल लोगों को एसएसकेएम अस्पताल ले जाया जा रहा है. ट्रॉमा केयर सेंटर में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है. एम्बुलेंस के प्रवेश में कोई समस्या न हो, इसके लिए बाहर का पूरा क्षेत्र खाली रखा गया है. बचाए जा रहे लोगों के तत्काल इलाज की व्यवस्था की गई है.

आठ लोगों को ट्रामा सेंटर लाया गया

8 लोगों को ट्रॉमा केयर में लाया जा चुका है. चार लोगों के नाम अभी पता लगाए जा रहे हैं. दुर्बाशा मल्लाम (56), मानिक चंदकुमार (22) और शाहिद कुमार (26) को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनके इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं. इस बीच, दुर्घटनास्थल पर युद्धकालीन कार्रवाई की तरह बचाव कार्य जारी है. सेना और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं. बचाव कार्य में हाइड्रोलिक सीढ़ियों और ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. दुर्घटनास्थल पर कई एम्बुलेंस मौजूद हैं.

घायलों की सूची

दुर्बाशा मल्लाह (56)
मणिचंद कुमार (22)
शहीद कुमार (26)
विश्व प्रकाश (28)
राजेश रुईदास (25)
बोदन मुंडा (28)
राजेंद्र राम (55)
रामप्रसाद चौधरी (21)
मोहम्मद आबीद खान (45)
सूरज चौधरी (30)
जानेहर अली (24)
देवाशीष दास (43)
मोहम्मद सोनू (35)
संदीप पांडेय (32)
मुस्तकीन गायन (24)
खालेक सरदार (38)
राजकुमार रजक (45)
कार्तिक पात्रा (31)

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घटिया सामग्री का इस्तेमाल

वार्ड नंबर 79 में ब्रेस ब्रिज डिपो के पास गोदाम का निर्माण हो रहा था. राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है. जब तृणमूल पार्षद उस इलाके में पहुंचे, तो उन्हें गर्दन से धक्का देकर बाहर फेंक दिया गया. आरोप है कि यह निर्माण उनके कार्यकाल में शुरू हुआ था. राकेश सिंह ने कहा- मैंने खुद 6 लोगों के शव निकाले हैं. मुझे नहीं पता कि उनका क्या धंधा है, मैंने उनका नाम पहली बार सुना है. इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता देखकर आप समझ सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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