संवाददाता, कोलकाता
एलपीजी गैस सिलिंडरों की कीमत बढ़ाये जाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध जताया है. शनिवार को धर्मतला के मेट्रो चैनल में धरना मंच से उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की महिला शाखा एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन करेगी. उन्होंने महिलाओं से बर्तन, कड़ाही और कटोरे लेकर जुलूस निकालने का आह्वान किया. पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत के बीच घरेलू एलपीजी और वाणिज्यिक सिलिंडरों की कीमतों में क्रमशः 60 रुपये और 114.5 रुपये की भारी वृद्धि की गयी. मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआइआर) के दौरान नामों को हटाये जाने के विरोध में अपने धरने के दूसरे दिन सुश्री बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना मनमाने ढंग से एलपीजी की कीमतें बढ़ा रही है, जो जनविरोधी है.मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विरोध जताने का किया आह्वान
उन्होंने कहा : रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है. मैं चंद्रिमा (वित्त राज्य मंत्री और तृणमूल की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य) से आग्रह करती हूं कि वह महिलाओं से एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ रैलियां आयोजित करने को कहें. जरूरत पड़ने पर काले कपड़े पहनें. हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करेंगे. भाजपा की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा : उन्होंने एलपीजी की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की. फिर उन्होंने गैस बुकिंग के लिए 21 दिन की ‘लॉक-इन’ समय-सीमा लागू कर दी. अगर लोगों का सिलिंडर खत्म हो जाये, तो वे क्या करेंगे? ममता बनर्जी ने कहा : क्या उन्हें इन मुद्दों पर पहले से विचार नहीं करना चाहिए था? उन्होंने केरोसिन का कोटा भी कम कर दिया है. आप जबरदस्ती कीमतें बढ़ा रहे हैं. आपने इन सब की योजना पहले से क्यों नहीं बनायी? आपने इन बातों पर ध्यान क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा कि आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर तृणमूल के महिला मोर्चा का विरोध प्रदर्शन 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से हजारों विवाहित महिलाओं के नाम हटाये जाने के विरोध में भी होगा. मुख्यमंत्री ने कहा : एसआइआर प्रक्रिया के दौरान कई महिलाओं के नाम इस आड़ में हटा दिये गये हैं कि शादी के बाद उनके उपनाम बदल गये हैं.ममता भवानीपुर के ‘गायब वोटरों’ को लायीं सामने, आयोग-भाजपा को घेरा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्मतला में चल रहे धरने के दौरान उन्होंने भवानीपुर क्षेत्र के उन मतदाताओं को सामने लाया, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 47 हजार वैध मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से गायब कर दिये गये हैं. उनका आरोप है कि यह काम भाजपा के दबाव में किया गया है और इससे आम लोगों के मतदान के अधिकार को छीना जा रहा है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भी अनदेखी कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने मतदाताओं के आधार कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश दिये थे, लेकिन उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सुश्री बनर्जी ने मंच से उन लोगों को भी बुलाया जिनका दावा है कि वे वैध मतदाता हैं लेकिन उनका नाम सूची से हटा दिया गया. उन्होंने उनसे कहा कि वे अपने दस्तावेज जनता के सामने रखें, ताकि यह साबित हो सके कि उनका नाम बिना वजह हटाया गया है.मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल कुछ उदाहरण हैं और ऐसे कई और मतदाता हैं जिनके नाम सूची से गायब कर दिये गये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर आयोग इस तरह की कार्रवाई कर रहा है. इस दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पहले नोटबंदी हुई और अब वोटबंदी की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान दोनों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. अगर कोई और इस लड़ाई को नहीं लड़ता, तो भी बंगाल के लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेंगे. उन्होंने जनता की अदालत में न्याय की मांग करते हुए कहा कि देश के लोगों को इस सवाल का जवाब देना होगा कि वैध मतदाताओं के नाम आखिर क्यों हटाये जा रहे हैं.
