नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- वह कहतीं थीं, मैं मुझे सब पता है

नंदीग्राम के बाद शुभेंदु अधिकारी ने उत्तर 24 परगना जिले से भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन में सहकारिता समितियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. अब उस स्थिति को बदलने की दिशा में काम शुरू होगा.

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन में सहकारिता समितियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. शुभेंदु ने कहा कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में सहकारिता चालक की भूमिका निभा सकता है. इसके जरिये महिलाओं को भी सशक्त बनाया जा सकता है.

पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद शुभेंदु अधिकारी उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम पहुंचे थे. यहां महिला को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने सहकारिता समितियों को वैकल्पिक अर्थव्यवस्था करार दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियां जितनी सशक्त होंगी, अर्थव्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी. लेकिन पिछले 15 साल के तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में सहकारिता समितियों को सबसे बड़ा नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि राज्य की कुल 6000 सहकारिता समितियों में से 2000 समितियां निष्क्रिय हो गयीं थीं. उन्हें कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि जिले में 23 हजार महिलाएं समितियों से जुड़ी हैं. इस पर सीएम ने कहा कि 23 हजार महिलाएं कम नहीं होतीं.

सहकारिता समितियों के निष्क्रिय होने के लिए उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यजनक, लेकिन सत्य है कि पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सहकारिता आंदोलन की अवहेलना की गयी. उस सरकार में कुछ समय के लिए मैं भी था. लेकिन क्या करेंगे, वहां तो सभी लैंपपोस्ट थे. पोस्ट एक ही था. शुभेंदु ने आगे कहा- उनको (ममता बनर्जी को) अगर कोई कुछ कहता, तो वह कहतीं थीं- मैं सब जनती हूं. मैं कहता हूं- नहीं, मैं कुछ नहीं जानता. बहुत कुछ सीख रहा हूं.

बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने राज्य के पूर्व सहकारिता मंत्री सरल देव के योगदान को भी याद किया. उन्होंने कहा कि 35 साल पहले जो बीज लगा था, आज वह वटवृक्ष बन चुका है. स्वामी विवेकानंद के ‘चरैवेति चरैवेति’ मंत्र को अपनाकर हम काम करेंगे और महिला सहकारिता समितियों का विकास करेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र की 6 योजनाओं का फायदा बंगाल को मिले, इसके लिए एक आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है. इतना ही नहीं, सहकारिता के कम्प्यूटराइजेशन से इस क्षेत्र में एक नये युग की शुरुआत होगी.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में पूरे जिले में सहकारिता समितियों का विस्तार कया जायेगा. उन्होंने सहकारिता को वैकल्पिक अर्थव्यवस्था करार दिया. उन्होंने कहा कि को-ऑपरेटिव मजबूत होगा, तो महिलाओं का सशक्तिकरण भी होगा. उत्तर 24 परगना जिले में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य एवं सहकारिता मंत्री अशोक कीर्तनिया, जिलाधिकारी शिल्पा गौरीसरिया समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए.

सहकारिता बोर्ड के सदस्यों को चेतावनी और आगे की योजना

  • बोर्ड के सदस्य लोन देने के मामले में अपने-पराये का भेद न करें. किसी के खास व्यक्ति को बिना सिक्यूरिटी वाले लोन नहीं दिये जायेंगे.
  • सहकारिता को राजनीति से पूरी तरह मुक्त रखा जायेगा. किसी राजनेता के परिचित को नियम को ताक पर रखकर ऋण में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जायेगी. एनपीए होने पर कानूनी नोटिस देना ही होगा
  • प्रति वर्ष सितंबर के मध्य तक हर हाल में ऑडिट का काम पूरा करना ही होगा. साथ ही मैनेजमेंट कॉस्ट को भी कंट्रोल करना होगा.
  • 14 से 20 नवंबर के बीच सहकारिता सप्ताह आंदोलन की शुरुआत होगी. इस दौरान सहकारिता के कार्यों के बारे में जोर-शोर से प्रचार-प्रसार किया जायेगा.
  • पश्चिम बंगाल सरकार भी कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र की तरह सहकारिता को मजबूत करके अर्थव्यवस्था में नयी जान फूंकेगी.

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By मिथिलेश झा

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