कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट
Suvendu Adhikari: भाजपा सरकार ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जायेगी. राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण पर मंगलवार को विधानसभा में चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र की ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति से किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगी.
12 होल्डिंग सेंटरों में फिलहाल 1800 लोग
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि नयी सरकार के गठन के बाद पिछले लगभग डेढ़ महीने में 10 हजार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें सीमा पार वापस भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में स्थापित 12 होल्डिंग सेंटरों में फिलहाल 1800 घुसपैठियों को रखा गया है, जिन्हें जल्द ही डिपोर्ट किया जायेगा.
बीएसएफ को सौंपे जायेंगे घुसपैठिये
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी घुसपैठिये को जेल में रखने का सवाल ही नहीं उठता. गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपकर सीमा पार भेजा जायेगा. उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं व इस मुद्दे पर सरकार किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी.
पूर्ववर्ती ममता सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों तक भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तार लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बीएसएफ को जमीन क्यों नहीं दी गयी. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार ने बीएसएफ को सहयोग देने के बजाय लगातार आलोचना की.
डेढ़ महीने में सौंपी 142.79 एकड़ जमीन
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद डेढ़ महीने से भी कम समय में बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है. इससे सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा. उन्होंने घुसपैठियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो लोग भागना चाहते हैं, वे सीमा पर बाड़ पूरी होने से पहले भाग जायें.
और तेज हो सकती है कार्रवाई
मुख्यमंत्री के बयान से संकेत मिला है कि राज्य सरकार घुसपैठ के मुद्दे पर आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ने जा रही है. आने वाले दिनों में पहचान, हिरासत और सीमा पार भेजने की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी इस चेतावनी के बाद उत्तर 24 परगना जिले की हकीमपुर सीमा चौकी के रास्ते कई घुसपैठिये पहले ही निकल चुके हैं.
बंगाल व राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की सुरक्षा, राष्ट्र की सुरक्षा और बंगाल को मजबूत बनाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जायेगा. हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वास्तविक भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से संबंधित हों.
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सभी को मिलेगा योजना का लाभ
शुभेंदु ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नपूर्णा भंडार, वृद्धावस्था पेंशन, बेरोजगारी भत्ता, बच्चों के रोजगार और स्कूलों के विकास पर खर्च होने वाला सरकारी धन केवल भारतीय नागरिकों के लिए है. किसी भी घुसपैठिये को इन योजनाओं का लाभ नहीं लेने दिया जायेगा.
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