ग्रेट कलकत्ता किलिंग, देश विभाजन की त्रासदी और विस्थापितों की पीड़ा को नहीं भूल सकते : शुभेंदु अधिकारी

Great Calcutta Killing Day News: विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में कहा कि सत्ता की लालच में हुआ देश का बंटवारा. कोलकाता में लगेगी गोपाल मुखर्जी की विशाल प्रतिमा.

Great Calcutta Killing Day News: देश की स्वतंत्रता जितनी आनंददायक है, उतनी ही पीड़ादायक, अखंड भारत को द्विराष्ट्र सिद्धांत के आधार पर विभाजित होते देखना था. ‘विभाजन विभीषिका’ स्मरण दिवस (14 अगस्त) पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने देश विभाजन की भयावहता, दंगों और विस्थापित लोगों की पीड़ा को याद किया. उत्तर कोलकाता के मौलाली युवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 1946 के ग्रेट कलकत्ता किलिंग और नोआखाली नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा कि इस भयावह इतिहास को कभी भुलाया नहीं जा सकता.

भारत विभाजन के नाम पर 2 बार हुआ हिंदुओं का नरसंहार : सीएम

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भारत को विभाजित करने के नाम पर 2 बार हिंदुओं का 2 नरसंहार हुआ. वर्ष 1971 में सीमा के उस पार बांग्लादेश में और दूसरा सीमा के इस पार वर्ष 1946 का ग्रेट कलकत्ता किलिंग और नोआखाली नरसंहार. इन्हें कैसे भूल सकते हैं? शुभेंदु ने कहा कि उस समय गोपाल मुखर्जी नहीं होते, तो हिंदू शून्य हो जाते.

‘1947 में सत्ता की लालच में हुआ देश का विभाजन’

उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में भारत को विभाजित करने के नाम पर द्विराष्ट्र सिद्धांत को आगे बढ़ाया गया था. कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उस समय सत्ता की लालच में देश का विभाजन हुआ. वह विभाजन बेहद भयावह था. हम हमेशा पूर्ण और अखंड भारत चाहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, छत्रपति शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लंबे समय तक भुलाने का प्रयास किया गया. उनके इतिहास को और बेहतर तरीके से जानने की आवश्यकता है.

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राज्यपाल के आह्वान पर विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस

मई में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद बदलते बंगाल में पहली बार ‘विभाजन विभीषिका’ स्मरण दिवस मनाया गया. स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले देश विभाजन के कारण जड़ से उखड़े लोगों की पीड़ा को याद करने के लिए राज्यपाल आरएन रवि ने इस दिन के आयोजन का प्रस्ताव दिया था.

देश की स्वतंत्रता जितनी आनंददायक है, उतनी ही पीड़ादायक अखंड भारत को द्विराष्ट्र सिद्धांत के आधार पर विभाजित होते देखना था. मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में विभाजन का खेल रचा गया और उस समय सत्ता की लालच में देश को बांट दिया गया. हम हमेशा पूर्ण और अखंड भारत चाहते हैं. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

16 से 19 अगस्त के बीच हुआ था कोलकाता में नरसंहार

राज्य सरकार ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया. ग्रेट कलकत्ता किलिंग 16 से 19 अगस्त 1946 के बीच कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ भीषण सांप्रदायिक नरसंहार था. इसे कलकत्ता दंगा भी कहा जाता है. यह हिंसा मुस्लिम लीग द्वारा अलग पाकिस्तान राष्ट्र की मांग को लेकर घोषित ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ (प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस) के आह्वान के बाद भड़की थी.

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गोपाल मुखर्जी न होते तो हिंदुओं की स्थिति अलग होती

इस विशेष आयोजन के लिए उत्तर कोलकाता को चुने जाने का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विभाजन के बाद यह इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ था. उस समय गोपाल मुखर्जी ने हिंदुओं के नरसंहार का डटकर प्रतिकार किया था. यदि गोपाल मुखर्जी उस समय नहीं होते, तो आज हिंदुओं की स्थिति अलग होती.

गोपाल मुखर्जी की बड़ी मूर्ति लगाने के सीएम ने दिये संकेत

मुख्यमंत्री ने बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद कोलकाता की एक सड़क का नाम बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी एवेन्यू’ किये जाने का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने आज की पीढ़ी को हिंदुओं की रक्षा के लिए गोपाल मुखर्जी के योगदान के बारे में बताने के लिए कोलकाता में किसी प्रमुख स्थान पर उनकी एक बड़ी मूर्ति स्थापित करने के भी संकेत दिये.

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नगर निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का भरोसा

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उम्मीद जतायी कि आगामी नगर निकाय चुनावों में भाजपा बड़ी संख्या में सीटें जीतने में कामयाब होगी. कार्यक्रम में राज्य के मंत्री तापस राय, मंत्री इंद्रनील खां, विधायक विजय ओझा, विधायक रितेश तिवारी, विधायक सजल घोष सहित प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे.

खेला होबे दिवस को लेकर तृणमूल पर साधा निशाना

पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 16 अगस्त को बंगाल में ‘खेला होबे’ दिवस के रूप में मनाया जाता था. इसके लिए मुख्यमंत्री ने टीएमसी पर निशाना साधा. शुभेंदु ने कहा कि 1946 में जिस तारीख को कलकत्ता और नोआखाली में हिंदुओं का कत्ल-ए-आम किया गया, उस तारीख को एक पार्टी ‘खेला होबे’ दिवस मनाती थी. फुटबाल फेंकती थी. अब भाजपा की सरका उस दिन बंगाल के 11 करोड़ लोगों के शतायु होने की प्रार्थना करेगी.

खेला होबे बोलने वाले मैदान के बाहर चले गये : शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का नाम लिये बगैर कहा कि खेला होबे (खेला होगा) बोलने वाले खुद मैदान के बाहर चले गये हैं. एक बार नहीं, मैंने उन्हें दो-दो बार (नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में) हराया है. शुभेंदु ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं के नाम या सरकार का रंग बदलना नहीं, व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाना है.


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By मिथिलेश झा

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