खास बातें
HPV Vaccination Drive West Bengal: पश्चिम बंगाल की नयी सरकार ने महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को राज्यव्यापी ‘ह्यूमन पैपिलोमावायरस’ (HPV) टीकाकरण अभियान का शंखनाद किया.
बंगाल को कैंसर मुक्त भविष्य की ओर ले जाने का संकल्प
इस महा-अभियान का लक्ष्य बंगाल की किशोरियों को भविष्य में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित करना है. अभियान के पहले चरण में राज्य की लगभग 7.65 लाख लड़कियों को कवर किया जायेगा. यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि बंगाल को कैंसर मुक्त भविष्य की ओर ले जाने का संकल्प भी है.
7.65 लाख किशोरियां और ‘गार्डासिल-4’ का सुरक्षा चक्र
टीकाकरण अभियान की बारीकियां और सरकार की तैयारी इस प्रकार है. अभियान विशेष रूप से उन किशोरियों के लिए है, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और जो 15 वर्ष से कम उम्र की हैं. निजी अस्पतालों में हजारों रुपए में मिलने वाला गार्डासिल-4 (Gardasil-4) टीका अब बंगाल के सरकारी केंद्रों पर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगा. सरकार का उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को जनस्वास्थ्य के लिए खतरे के रूप में पूरी तरह समाप्त करना है.
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881 केंद्रों पर मिलेंगी खुराक?
शुभेंदु सरकार ने सुनिश्चित किया है कि टीकाकरण का लाभ राज्य के सुदूर इलाकों तक पहुंचे. टीकाकरण सत्रों के लिए राज्य भर में 881 निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र बनाये गये हैं. इन केंद्रों में बड़े मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, राज्य सामान्य अस्पताल और प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (BPHC) शामिल हैं. सभी 881 केंद्रों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारु और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके.
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राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़ा बंगाल
यह पहल भारत सरकार द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रीय स्तर पर घोषित एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है. पिछली सरकार के समय कई केंद्रीय स्वास्थ्य योजनाएं बंगाल में अटकी थीं, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों को ‘फास्ट ट्रैक’ पर डाल दिया है. चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि 14 साल की उम्र में दिया गया यह टीका भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को 90 प्रतिशत तक कम कर देता है.
कैंसर के विरुद्ध जन-आंदोलन
मुख्यमंत्री ने इस अभियान को केवल एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बनाने की अपील की है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि स्कूलों और स्थानीय समुदायों में जागरूकता फैलायी जाये, ताकि कोई भी पात्र किशोरी इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे. बंगाल के जिला स्तर के अस्पतालों को विशेष निर्देश दिये गये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में टीकाकरण की दैनिक रिपोर्ट सीधे राज्य मुख्यालय को भेजें.
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