West Bengal Health News: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के खान-पान और पोषण का खर्च बढ़ाने की घोषणा की है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के दैनिक भोजन बजट को 56.64 रुपए से बढ़ाकर 110 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है. मरीजों के भोजन की यह नयी और संशोधित दरें आगामी 1 अगस्त से राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में लागू होंगी.
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ निर्णय
स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) के आदेश के अनुपालन में गठित एक विशेष समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है. समिति ने जून महीने में खाद्य पदार्थों की मौजूदा बाजार कीमतों और महंगाई का विस्तृत अध्ययन किया था.
भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार की सिफारिश
इसके बाद मरीजों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार के लिए दैनिक दर को लगभग दोगुना करने की सिफारिश की गयी थी, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया. फुल राइस डायट (Full Rice Diet) के लिए यह बढ़ी हुई दर मौजूदा नियमों के तहत लागू होगी.
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शुभेंदु अधिकारी ने बताया ऐतिहासिक व जन-केंद्रित कदम
इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों और स्कूलों दोनों जगह परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और पोषण मूल्य (Nutritional Value) को सुधारने के लिए यह ऐतिहासिक और जन-केंद्रित कदम उठाया है.
मध्याह्न भोजन का खर्च 6.78 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए किया
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत प्रति छात्र दैनिक आवंटन को भी 6.78 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए करने की घोषणा की थी. अस्पतालों में मरीजों का बजट बढ़ाये जाने से अब भर्ती मरीजों को अधिक पौष्टिक और बेहतर भोजन मिल सकेगा.
