Suvendu Adhikari Biography: शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सफाये में उन्होंने अहम भूमिका निभायी. शुभेंदु ने दीदी को सबसे बड़ा झटका दिया. 2021 में नंदीग्राम के बाद 2026 में भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी उन्हें परास्त कर उनके राजनीतिक रसूख को चकनाचूर कर दिया.
गांवों में तृणमूल के विस्तार में निभायी थी अहम भूमिका
शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल थे. उन्हें ग्रामीण पश्चिम बंगाल में तृणमूल के संगठनात्मक विस्तार के प्रमुख सूत्रधार माना जाता था. दिसंबर 2020 में वह भाजपा में शामिल हो गये और राज्य में पार्टी के सबसे आक्रामक प्रचारकों में से एक बन गये.
इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को धूल चटाने के बाद शुभेंदु अधिकारी का 60 फीसदी वोट और 100 साल तक सरकार का दावा
टीएमसी छोड़ ममता बनर्जी के खिलाफ लगातार लड़े शुभेंदु
तृणमूल के खिलाफ उनकी निरंतर राजनीतिक लड़ाई, संगठनात्मक पकड़ और ममता बनर्जी के खिलाफ चुनावी जीत ने उनकी दावेदारी को मजबूत कर दिया. भाजपा नेता भी मानते हैं कि भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी की 15,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत को बंगाल की राजनीति में प्रतीकात्मक और रणनीतिक मोड़ रहा.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सीएम की होड़ में शमिक भट्टाचार्य और स्वपन दासगुप्ता भी थे
ऐसा नहीं है कि नेतृत्व की दौड़ में कोई और नाम शामिल नहीं था. बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता भी इस होड़ में थे. स्वपन दासगुप्ता ने रासबिहारी सीट से जीत दर्ज की है. दासगुप्ता पार्टी का बौद्धिक चेहरा हैं, जो शासन और राजनीतिक संदेश के बीच संतुलन बना सकते हैं. शमिक भट्टाचार्य को महत्वपूर्ण चुनावी दौर में संगठन का नेतृत्व करने का श्रेय दिया जा रहा है.
