सुकांता मजूमदार का ममता सरकार पर हमला, बोले- बंगाल में भत्ता नहीं, रोजगार चाहिए

Sukanta Majumdar: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाज़ी लगातार तेज़ हो गयी है. भाजपा सांसद सुकांता मजूमदार ने कहा कि लोग अब सिर्फ अलाउंस नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार चाहते हैं.

Sukanta Majumdar: कोलकाता. भाजपा सांसद सुकांता मजूमदार ने ममता सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि बंगाल के युवाओं को भत्ता नहीं रोजगार चाहिए. उन्होंने बंगाल में महिलाओं की आर्थिक स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर मौजूदा सरकार पर निशाना साधा. कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए सुकांता मजूमदार ने कहा कि बंगाल में सबसे बड़ी समस्या इंडस्ट्री और नौकरी की कमी है. उन्होंने युवा साथी योजना की तरफ इशारा करते हुए कहा- अगर युवाओं और महिलाओं को काम नहीं मिलेगा, तो वे कब तक दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाएंगे. 1000 रुपये के सरकारी भत्ते पर कब तक निर्भर रहेंगे. उन्होंने साफ कहा कि लोग अब सिर्फ अलाउंस नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार चाहते हैं.

भाजपा में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि महिला वोट बैंक पर ममता का प्रभाव है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. उनके अनुसार महिलाएं समझ चुकी हैं कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो ‘अन्नपूर्णा भंडार’ जैसी योजनाओं के ज़रिए सीधे उनके खातों में ज़्यादा पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि महिलाएं और युवा अब एक ही मांग कर रहे हैं कि काम चाहिए.

समय से नहीं हुआ SIR तो लगेगा राष्ट्रपति शासन

कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सुकांता मजूमदार ने कहा कि कागज़ों में कानून सख्त है, लेकिन ज़मीन पर उसे लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखती. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहा. वोटर लिस्ट अब तक पूरी तरह फाइनल न होना भी इसी असहयोग का नतीजा है. उन्होंने SIR का जिक्र करते हुए कहा कि अगर समय पर चुनाव नहीं हुए, तो संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है और राज्य में राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति भी बन सकती है.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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