एनडीए कार्यकाल में बंगाल को मिले फंड पर रिपोर्ट कार्ड जारी करे राज्य सरकार : सुकांत

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को केंद्र में मौजूदा एनडीए सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल के दौरान कुल कितना फंड मिला है, इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार को रिपोर्ट कार्ड जारी करना चाहिए.

कोलकाता

. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को केंद्र में मौजूदा एनडीए सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल के दौरान कुल कितना फंड मिला है, इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार को रिपोर्ट कार्ड जारी करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के सत्ता में आने से पहले तृणमूल कांग्रेस यूपीए सरकार में शामिल थी और उस समय तृणमूल के कई सांसद केंद्रीय मंत्री भी थे. लेकिन यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य को उतना फंड नहीं मिला, जितना पिछले 11 वर्षों में एनडीए सरकार ने प्रदान किया है.

50 फीसदी बच्चों को नहीं मिल रहा मिड डे मील

श्री मजूमदार ने कहा कि हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल के 50 प्रतिशत बच्चाें को मिड डे मील का भोजन नहीं मिल रहा है, जबकि राज्य सरकार दावा कर रही है कि मिड डे मील पर 4000 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आखिर ये रुपये कहां जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने भी मिड डे मिल की जांच के लिए बंगाल का दौरा किया था और उनकी जांच में भी अनियमितता की बातें सामने आयी हैं.

भ्रष्टाचार के कारण कुछ योजनाओं के फंड का आवंटन किया गया बंद

वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पीएम मोदी के साथ संभावित मुलाकात कर बंगाल के बकाया फंड की मांग पर श्री मजूमदार ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले 11 वर्षों में राज्य सरकार को काफी फंड आवंटित किया है. लेकिन यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है.

भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण ही केंद्र ने कुछ योजनाओं के फंड का आवंटन बंद किया है.

अनुब्रत का मामला स्क्रिप्टेड कहानी

वहीं, अनुब्रत मंडल के संबंध में श्री मजूमदार ने कहा कि इस प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की पुलिस के पास सिर्फ आम जनता व भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की ताकत है. जिस प्रकार से अनुब्रत मंडल ने एक थाना प्रभारी को गाली दी है, क्या कोई और करता, तो पुलिस उसे पत्र देकर आने का निमंत्रण देती या उसके घर जाकर गिरफ्तार करती. उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर तो पुलिस उक्त व्यक्ति के परिवार को भी नहीं छोड़ती.

अनुब्रत मंडल के एसडीपीओ कार्यालय में पेश होने के संबंध में श्री मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पूरी स्क्रिप्टेड कहानी है. तृणमूल कांग्रेस के आलाकमान से आश्वासन मिलने के बाद ही अनुब्रत मंडल एसडीपीओ कार्यालय पहुंंचे हैं और उनके खिलाफ गंभीर आरोप होने के बाद भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया.

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Published by: Bijay kumar

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