मजबूरी में करती थी TMC का प्रचार, बंगाल में सत्ता बदलते ही बदला श्राबंती चटर्जी का सुर, पार्थ चटर्जी पर किया बड़ा खुलासा

Srabanti Chatterjee TMC Pressure: बंगाल में भाजपा की जीत के बाद टॉलीवुड अभिनेत्री श्राबंती चटर्जी ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने टीएमसी के दबाव और पार्थ चटर्जी के भ्रष्टाचार पर खुलकर बात की. जानें क्यों श्राबंती को लगता है कि अब ‘अभया’ को न्याय मिलेगा.

Srabanti Chatterjee TMC Pressure: पश्चिम बंगाल में सत्ता का रंग क्या बदला, टॉलीवुड के सितारों के सुर भी बदलने लगे हैं. बंगाल की मशहूर अभिनेत्री श्रबंती चटर्जी, जो कभी भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मंचों पर नजर आती थीं, उन्होंने अब नयी भाजपा सरकार के गठन के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है.

कलाकारों पर रहता है दबाव : श्राबंती

श्राबंती ने स्वीकार किया है कि कलाकार होने के नाते उन पर सत्ता पक्ष (TMC) का काफी दबाव रहता था. इसलिए उन्हें न चाहते हुए भी उनके कार्यक्रमों में जाना पड़ता था. शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने अभया (आरजी कर केस) के न्याय की उम्मीद भी जतायी है.

‘अभया’ की मां का चेहरा आंखों में तैर गया

सत्ता परिवर्तन की खबर मिलते ही श्राबंती भावुक हो उठीं. उनकी आंखों के सामने सबसे पहले ‘अभया’ की मां का चेहरा आया. एक मां होने के नाते वे चाहती हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार हो, जो महिलाओं को सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिला सके. अभिनेत्री ने कहा कि अगर यह परिवर्तन बंगाल की भलाई के लिए है, तो वे इसका पूरा समर्थन करती हैं.

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पार्थ चटर्जी और 2021 की हार का वो अफसोस

श्राबंती ने 2021 के विधानसभा चुनाव के अपने कड़वे अनुभव भी साझा किये. भाजपा के टिकट पर बेहाला पश्चिम सीट पर पार्थ चटर्जी से हार गयीं थीं. श्रबंती ने कहा- जनता की राय सिर माथे पर थी, लेकिन जब बाद में पार्थ चटर्जी के घर से नोटों के पहाड़ मिले और उनका भ्रष्टाचार सामने आया, तब मुझे बहुत अफसोस हुआ. मुझे लगा कि काश लोग पहले समझ पाते. टीएमसी के लिए प्रचार करने के सवाल पर उन्होंने सफाई दी कि कलाकारों पर बहुत दबाव होता है. इंडस्ट्री में काम करने के लिए कई बार समझौता करना पड़ता है.

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Srabanti Chatterjee TMC Pressure: क्या फिर थामेंगी भाजपा का हाथ?

श्राबंती के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि क्या वे फिर से भाजपा में सक्रिय होंगी. उन्होंने कहा कि 2021 में शायद भाजपा को बंगाल को और गहराई से समझने की जरूरत थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं.

क्या कह रहा श्राबंती का ‘कबूलनामा’?

श्राबंती ने बंगाल चुनाव 2021 के कुछ समय बाद ही भाजपा से इस्तीफा दे दिया था. अब जब बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बन चुकी है, तो श्राबंती का यह ‘कबूलनामा’ टॉलीवुड में मचे बड़े राजनीतिक मंथन की ओर इशारा कर रहा है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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