मुख्य बातें
SIR in Bengal: कोलकाता. बंगाल में वोटर लिस्ट में जिनका नाम विचाराधीन है, उन्हें अपना दस्तावेज जमा करने में भी पसीने छूट रहे हैं. जिला मजिस्ट्रेट के पांचवीं मंजिल स्थित कार्यालय से बस स्टैंड तक लोगों की लंबी कतार लग गई. कड़ी धूप में युवा से लेकर वृद्ध तक कतार में लगे हुए हैं. सभी लोग अपने आवेदन पत्र हाथ में लिए कतार में खड़े थे. कतार डीएम कार्यालय की पांचवीं मंजिल से शुरू होकर बरसात कोर्ट होते हुए बस स्टैंड तक दिख रही है. लोगों को संदेह है कि आवेदन जमा करने के बाद भी उनके नाम सूची में शामिल होंगे या नहीं, लेकिन सभी लोग आवेदन जमा कर रहे हैं, इसलिए वे कतार में खड़े हैं.
उत्तर 24 परगना में सबसे अधिक मामले
उत्तर 24 परगना के सभी नाम ‘परीक्षण के अधीन’ हैं. हजारों लोग डीएम कार्यालय के बाहर कतार में खड़े हैं. उनके नाम एसआईआर मतदाता सूची से ‘हटा दिए गए’ हैं. कुछ लोगों के नाम 2002 में माता के नाम के साथ पिता का नाम भी दर्ज था, जबकि कुछ के नाम में तो माता का नाम था ही नहीं, लेकिन जिस तरह से उनके नाम हटाए गए हैं, उससे वे घबराए हुए हैं. उन्हें पता चला है कि बीएलए के माध्यम से डीएम कार्यालय में पुनः सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन जमा किए जा रहे हैं.
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हर आदमी की अपनी परेशानी
कार्यालय जाने से पहले बिमान घोष कतार में खड़ा था. उसने कहा- अब कहने के लिए शब्द नहीं बचे. हमारा जीवन समाप्त हो गया है. वह और कुछ कहना नहीं चाहता था. उसके सामने एक बुजुर्ग महिला खड़ी थी. उसने कहा- वह 105 साल की लगती हैं. उन्होंने सुनवाई के लिए फोन किया, मैं गई. उनका नाम 2002 में दर्ज है, फिर भी उन्होंने मुझे फोन किया. एक अन्य महिला ने कहा- इसने लोगों के जीवन में तूफान ला दिया है. मैं इसे और सहन नहीं कर सकती. हजारों लोग धूप में खड़े थे. एक व्यक्ति ने कहा-हम धूप में खड़े हैं. अब वरिष्ठ अधिकारी और आयोग हमें देखेंगे.
