त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड से 8 राज्यों और 3 देशों से जुड़े सिलीगुड़ी कॉरिडोर को अभेद्य बना रही मोदी सरकार

Siliguri Corridor Security Grid: सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम. असम, बिहार और बंगाल में बनेंगी 3 नयी सैन्य छावनियां. जानें सुरक्षा ग्रिड का पूरा प्लान.

Siliguri Corridor Security Grid: त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड से देश के 8 राज्यों और 3 देशों से जुड़े सिलीगुड़ी कॉरिडोर को मोदी सरकार अभेद्य बनाने की योजना पर काम कर रही है. सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है. इसलिए मोदी सरकार इस क्षेत्र में सुरक्षा चाक-चौबंद करना चाहती है. इसके लिए नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमा से सटे इलाकों में त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाया जा रहा है.

राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा है सिलीगुड़ी कॉरिडोर

पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान सिलीगुड़ी में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से सिलीगुड़ी कॉरिडोर के महत्व को बखूबी पहचाना है. उन्होंने कहा कि 8 राज्यों को जोड़ने वाला यह अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण गलियारा है. 3 अंतरराष्ट्रीय सीमाएं (नेपाल, भूटान और बांग्लादेश) इसी सिलीगुड़ी कॉरिडोर से लगती हैं. इसकी सुरक्षा राष्ट्र की सुरक्षा के साथ जुड़ी हुई है.

त्रिकोणीय ग्रिड से मजबूत हुई राष्ट्रीय सुरक्षा

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने त्रिकोणीय ग्रिड से सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि अधिक जनघनत्व वाले इस कॉरिडोर में हमने जागरूकता एवं उपस्थिति बढ़ायी है. अपना वर्चस्व भी बढ़ाया है. हमने समय-समय पर कई प्रकार के प्रहार और अभ्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, मगर एक कमी थी.

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बंगाल सरकार नहीं दे रही थी 560 एकड़ जमीन

अमित शाह ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर को पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार की एजेंसियों को 560 एकड़ भूमि चाहिए थी. पश्चिम बंगाल की तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने नहीं दी. गृह मंत्री ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का अभिनंदन करते हैं कि उन्होंने 560 एकड़ भूमि आवंटन की सैद्धांतिक स्वीकृति हमें दे दी है.

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केंद्रीय बलों के साथ अमित शाह ने सिलीगुड़ी में की बैठक

अमित शाह ने अपनी तीन दिन की यात्रा के दौरान सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारियों के साथ उत्तर बंगाल में अहम बैठकें कीं और सीमा सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए जरूरी निर्देश दिये. गृह मंत्री ने कहा कि एसएसबी, बीएसएफ और आईटीबीपी किसी राजनीतिक दल या सरकार की एजेंसी नहीं हैं. ये सीमा सुरक्षा करने वाले बल हैं. सभी राजनीतिक दलों को इन जवानों के साथ खड़ा रहना चाहिए.

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By मिथिलेश झा

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