मुख्य बातें
Shyama Prasad Mukherjee: कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अब 6 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश होगा. वित्तमंत्री स्वपन दासगुप्ता ने इसकी घोषणा की है. यह श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है. इस दिन को मनाने के लिए राज्य के सभी विद्यालयों में विशेष पहल की जाएगी. उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग आज से अगले पंद्रह दिनों तक राज्य के सभी विद्यालयों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पक्ष मनाएगा. सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूली हुई स्मृति को पुनर्जीवित करेंगे.
अगले 15 दिनों तक चलेंगे कार्यक्रम
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को 23 जून से 6 जुलाई तक श्यामा प्रसाद पक्ष मनाने का आदेश दिया गया था. विकास भवन सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश सोमवार को राज्य के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिया गया था. यह निर्देश स्कूलों तक पहुंचना शुरू हो गया है. अगले 15 दिनों के लिए स्कूलों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. स्कूलों में चर्चा सभाएं, निबंध प्रतियोगिताएं, वाद-विवाद बैठकें, श्यामा प्रसाद के लेखन और भाषणों का पठन, उनके योगदान पर चर्चा सभाएं आदि आयोजित की जाएंगी.
पैतृक आवास बनेगा संग्रहालय
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने घोषणा की कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में 6 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है. राज्य सरकार ने हुगली के जिरात स्थित उनके पैतृक घर के अधिग्रहण का फैसला लिया है. वहां एक राजकीय स्मारक, संग्रहालय और पुस्तकालय का निर्माण किया जाएगा. मुख्य घर का जीर्णोद्धार करके उसे उसके पुराने वैभव में पुनर्स्थापित किया जाएगा.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
125 फुट ऊंची प्रतिमा लगेगी
इस बार विकास भवन ने स्कूलों को भी यही निर्देश जारी किए हैं. सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि लोग श्यामा प्रसाद के बारे में अध्ययन करें. इसके लिए कई पहल की जा रही हैं. इसके अतिरिक्त, जिरात में उनकी 125 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी. साथ ही, श्यामा प्रसाद की स्मृति में राज्य भर में पार्क, पुस्तकालय और स्मारकों के निर्माण के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
Also Read: 10 प्वांइट में समझें पश्चिम बंगाल का बजट, जानिए शुभेंदु सरकार के पहले बजट में किसे क्या मिला
