शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ एसएफआइ सड़क पर
हावड़ा में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प
हावड़ा में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प
हावड़ा. कसबा में बेरोजगार हुए शिक्षकों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति में उबाल है. विपक्ष ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये हैं. गुरुवार को हावड़ा में एसएफआइ द्वारा लाठीचार्ज के विरोध में मार्च निकाला गया. शिक्षकों ने जिलाशिक्षा निरीक्षक के कार्यालय तक मार्च कर विरोध जताया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो गयी. एसएफआइ ने गुरुवार को हावड़ा डीआइ कार्यालय का घेराव कर अपना विरोध जताया. एक निश्चित दूरी पर पहुंचने के बाद पुलिस ने जुलूस को रोक दिया. पुलिस द्वारा बल प्रयोग किये जाने पर प्रदर्शनकारी पुलिस से उलझ गये. पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की जमकर झड़प हुई. बाद में एसएफआइ कार्यकर्ताओं और सत्तापक्ष के समर्थकों के बीच हाथापाई भी हुई. कुछ ही देर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया कर स्थिति को सामान्य किया.
गौरतलब है कि गत तीन अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के फैसले में करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरी चली गयी थी. इसे लेकर पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है. राज्य सरकार भी बर्खास्त शिक्षकों के साथ खड़ी है, गत सात अप्रैल को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी इंडोर में बेरोजगार हुए शिक्षकों के साथ एक बैठक की. राज्य सरकार ने पुनः अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है.
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