बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी भी जैसे तेज हो गयी है. इसी बीच कैनिंग पूर्व सीट से इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के उम्मीदवार और पूर्व तृणमूल नेता आराबुल इस्लाम ने सत्तारूढ़ दल और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये हैं.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी भी जैसे तेज हो गयी है. इसी बीच कैनिंग पूर्व सीट से इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के उम्मीदवार और पूर्व तृणमूल नेता आराबुल इस्लाम ने सत्तारूढ़ दल और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये हैं. इस्लाम ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि राज्य में तृणमूल और भाजपा के बीच सांठगांठ व अंदरखाने ‘सेटिंग’ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं किया और उन्हें सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया गया.उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार कैनिंग पूर्व क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मतदाता तृणमूल का साथ नहीं देंगे. उनके मुताबिक, “इस बार 1-2 प्रतिशत भी मुस्लिम वोट तृणमूल को नहीं जायेगा.” उन्होंने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में जो राजनीतिक हिंसा हुई है, उससे लोगों में नाराजगी है और इसका फायदा उनकी पार्टी को मिलेगा. एसआइआर जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए इस्लाम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन मामलों में भाजपा के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय में असंतोष बढ़ा है और वे अब तृणमूल से दूरी बना रहे हैं. शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर भी आइएसएफ उम्मीदवार ने सरकार को घेरा. उनका आरोप है कि राज्य में मुस्लिम छात्र-छात्राओं ने शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल रहे. आइएसएफ के प्रदर्शन को लेकर भी उन्होंने बड़ा दावा किया और कहा कि 2021 के बाद पार्टी की ताकत बढ़ी है और इस बार एक से अधिक विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे.