सिंगूर भूमि अधिग्रहण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट के आदेश को किया रद्द

सिंगूर भूमि अधिग्रहण मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.

शीर्ष अदालत से राज्य सरकार को मिली राहत

संवाददाता, कोलकाता

सिंगूर भूमि अधिग्रहण मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्य बागची की खंडपीठ ने सोमवार को कहा कि 2016 में शीर्ष अदालत द्वारा दिया गया फैसला उन व्यावसायिक संस्थाओं पर लागू नहीं होगा, जिन्होंने जमीन के बदले मुआवजा स्वीकार किया और मामले में भाग नहीं लिया.

सिंगूर में टाटा कारखाने के लिए अधिग्रहित जमीन में मेसर्स शांति सेरामिक्स प्राइवेट लिमिटेड की 28 बीघा जमीन और फैक्टरी शामिल थी. उस समय कंपनी को 14.5 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था. 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने टाटा कारखाने के अधिग्रहित जमीन को वापस करने का आदेश दिया था. मुआवजा लेने वाली कंपनी ने अपनी जमीन वापस पाने के लिए राज्य सरकार को आवेदन किया, पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वह हाइकोर्ट पहुंची. उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को जमीन लौटाने का निर्देश दिया. राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हाइकोर्ट के आदेश को रद्द कर राज्य सरकार को राहत दी.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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