मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने की हो रही साजिश : तृणमूल

तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को निर्वाचन आयोग (इसी) के अधिकारियों के एक वर्ग पर भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने के लिए पार्टी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया. तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का एक वर्ग, विशेष रूप से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में उचित भौतिक सत्यापन के बिना ही नामों को मतदाता सूची में शामिल कर रहा है.

कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को निर्वाचन आयोग (इसी) के अधिकारियों के एक वर्ग पर भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने के लिए पार्टी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया. तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का एक वर्ग, विशेष रूप से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में उचित भौतिक सत्यापन के बिना ही नामों को मतदाता सूची में शामिल कर रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठ को रोकना सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की जिम्मेदारी है, और मतदाता सूची में अनधिकृत बाहरी लोगों को जोड़ने की किसी भी सूचना के मामले में भी केंद्र द्वारा निबटा जाना चाहिए, क्योंकि यह बीएसएफ को नियंत्रित करता है और निर्वाचन आयोग को भी ‘रिमोट कंट्रोल’ से नियंत्रित करता है, जिसने स्पष्ट रूप से सत्यापन प्रक्रिया में ढील दी है.”

दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर विधानसभा के अंतर्गत चंपाहाटी क्षेत्र में मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में कथित वृद्धि व सूची में उत्तर बंगाल के कई मतदाताओं के नाम शामिल करने के आरोप से संबंधित खबरों का जिक्र करते हुए घोष ने कहा : यदि ऐसी स्थिति है, तो इसका श्रेय स्थानीय प्रशासन और पुलिस को जाता है, जिन्होंने अनधिकृत मतदाताओं पर नजर रखी, न कि निर्वाचन आयोग को, जिसने उचित भौतिक सत्यापन के बिना नामों को शामिल करने की अनुमति दी. राज्य और सत्तारूढ़ पार्टी पर उंगली उठाने के बजाय, भाजपा और इस मुद्दे पर शोर मचाने वालों को घुसपैठ रोकने का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाना चाहिए.

भाजपा के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया : फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की तृणमूल की साजिश का पर्दाफाश हो गया है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता चुनाव जीतने के लिए फर्जी आधार और मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध कराने में शामिल रहे हैं. सतर्क निर्वाचन आयोग और केंद्रीय गृह मंत्रालय तृणमूल को फिर से पुराना खेल खेलने की अनुमति नहीं देगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >