कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से दुष्कर्म एवं हत्या की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई है. गुरुवार को सीबीआई ने इस केस से जुड़ी अपनी 12वीं स्टेटस रिपोर्ट सियालदह कोर्ट में जमा की. सुनवाई एसीजेएम सुल्तान महमूद की कोर्ट में हुई.
संदीपनी गर्ग बने केस के नये आईओ
संदीपनी गर्ग को इस केस के लिए नया इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (आईओ) नियुक्त किया गया है. सुनवाई के दौरान, सीबीआई के वकील पार्थ सारथी दत्ता ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद एसआईटी बनाई गई थी. उन्होंने बताया कि नए नियुक्त आईओ कोर्ट में मौजूद हैं. पिछली आईओ सीमा पाहुजा से केस के डॉक्यूमेंट्स ले लिए गए हैं. तीन पेज की 12वीं स्टेटस रिपोर्ट के साथ सीडी के 20 वॉल्यूम भी जमा किए गये हैं.
3 वरिष्ठ अधिकारियों की बनी एसआईटी
अदालत सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की तरफ से अदालत के निर्देश के बाद इस मामले की आगे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. इस एसआईटी में तीन सदस्य हैं. जिसमें एक जॉइंट डायरेक्टर, एक एडिशनल एसपी और एक डीएसपी मौजूद हैं. गुरुवार को सुनवाई के दौरान पीड़िता के माता-पिता भी कोर्ट में मौजूद थे. पीड़िता के परिवार की ओर से पेश वकील अमर्त्य दे ने पूर्व एमएलए निर्मल घोष की भूमिका का मुद्दा उठाया और सीएफएसएल रिपोर्ट से कथित छेड़छाड़ के मामले में तीन लोगों की भूमिका की ओर कोर्ट का ध्यान खींचा.
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15 सितंबर को कोर्ट में सौंपेगी अगली स्टेटस रिपोर्ट
पीड़िता की परिवार की तरफ से वकील ने बताया कि आरजी कर घटना को लगभग दो साल हो चुके हैं. पीड़िता की मां इस मामले में अपना बयान दर्ज कराना चाहती हैं. अगली स्टेटस रिपोर्ट जमा करने की तारीख 15 सितंबर तय की गई है. कोर्ट के बाहर पीड़िता की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामला जांच के दायरे में है. उन्होंने कहा कि नई सरकार ने कामकाज संभाल लिया है और सख्ती से मामले देख रही है. उदाहरण के तौर पर हाल ही में चार आइपीएस अधिकारियों के सस्पेंशन का जिक्र किया गया और भरोसा जताया कि नई सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी और उन्हें न्याय दिलाएगी.
