सारधा घोटाला : श्यामल सेन आयोग की वित्तीय रिपोर्ट सार्वजनिक करें : कोर्ट
कलकत्ता हाइकोर्ट ने सारधा चिटफंड घोटाला में राज्य सरकार द्वारा गठित श्यामल सेन आयोग की वित्तीय लेखा-जोखा सहित सभी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है. हाइकोर्ट के न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की डिविजन बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
कलकत्ता हाइकोर्ट ने सारधा चिटफंड घोटाला में राज्य सरकार द्वारा गठित श्यामल सेन आयोग की वित्तीय लेखा-जोखा सहित सभी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है. हाइकोर्ट के न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की डिविजन बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सारधा चिटफंड घोटाले के बाद जस्टिस श्यामल सेन की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया था. आयोग के कामकाज बंद होने के करीब 12 साल बाद अब इस मामले से जुड़े विस्तृत दस्तावेज, आर्थिक धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी और वित्तीय लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जायेगा.गौरतलब है कि लगभग एक दशक पहले श्यामल सेन आयोग ने राज्य सरकार द्वारा आवंटित 500 करोड़ रुपये के फंड में से करीब 225 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटा दिये थे. आयोग के कामकाज समाप्त होने के बाद शेष राशि राज्य सरकार को वापस भेज दी गयी थी, जिसकी जानकारी हाइकोर्ट को दी गयी थी. हालांकि उस समय रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया था.बाद में इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए हाइकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी थी. मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने हाइकोर्ट के पास मौजूद रिपोर्ट को मामले के सभी पक्षों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया.निवेशकों की ओर से पैरवी कर रहे वकील शुभाशीष चक्रवर्ती और अरिंदम दास ने कहा कि रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद श्यामल सेन आयोग के सभी बयान, अवलोकन और प्रस्ताव सामने आ जायेंगे. इसके बाद इस रिपोर्ट के आधार पर मामले को नये सिरे से आगे बढ़ाया जा सकेगा.सुनवाई के दौरान सीबीआइ और इडी के वकीलों की अनुपस्थिति पर अदालत ने नाराजगी भी जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा, तो अदालत को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.