कोलकाता हिंसा का विरोध : भाजपा ने निकाली 2 रैलियां, कहा- आंदोलन को था इसलामी कट्टरपंथियों का समर्थन

भारतीय जनता पार्टी ने NEET 2026 प्रश्नपत्र लीक के विरोध में कोलकाता में दो विशाल रैलियां आयोजित कीं. इन रैलियों का उद्देश्य 24 जुलाई को हुई हिंसा और विरोध प्रदर्शनों में कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथी ताकतों के समर्थन के खिलाफ आवाज उठाना था.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET 2026) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुई रैली के दौरान हिंसा के खिलाफ सोमवार को कोलकाता शहर में 2 रैलियां निकालीं. भाजपा ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी और वाम छात्रों को इस्लामी कट्टरपंथियों का समर्थन हासिल था.

गोलपार्क से यादवपुर और सियालदह से एस्प्लेनेड तक निकली रैली

भाजपा नेताओं और समर्थकों की रैलियां दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क तथा शहर के मध्य स्थित सियालदह स्टेशन से शुरू हुईं, जिनका समापन क्रमशः यादवपुर और एस्प्लेनेड में हुआ. सियालदह से निकाली गयी रैली का नेतृत्व कर रहे भाजपा विधायक सजल घोष ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) तृणमूल कांग्रेस, वामदलों और कांग्रेस के उन नेताओं का समूह है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते हैं.

कोलकाता में भाजपा का विरोध मार्च.

सजल घोष ने पूछा- प्रदर्शन करने वालों ने पत्रकारों से मारपीट क्यों की?

सजल घोष ने 24 जुलाई को नीट 2026 प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि उनके साथ मारपीट क्यों की गयी. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामी कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी का समर्थन प्राप्त था.

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हाथों में तिरंगा लेकर निकाली रैली, महिलाओं ने बजाये ढाक और शंख

भाजपा की रैलियों में शामिल लोगों ने हाथों में तिरंगा ले रखे थे. उनके हाथों में पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में तख्तियां भी थीं. इस दौरान लाल और पीली साड़ियां पहनी महिलाओं ने पारंपरिक ढाक बजाये और शंखनाद किया. रैली में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि कॉजपा यानी सीजेपी देश को बांटने की कोशिश कर रही है और वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एकजुट हुए हैं.

24 जुलाई को कोलकाता में हुई थी हिंसा

शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान वाम समर्थित प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गयी थी. प्रदर्शन में शामिल लोग हिंसक हुए, तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. राज्य सरकार ने शुक्रवार के नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोपियों के खिलाफ, नये गुंडा रोधी कानून के तहत कार्रवाई शुरू की है.

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कोलकाता हिंसा में अब तक 16 गिरफ्तार

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि आरोपियों को ऐसी सजा मिलेगी, जिसे ‘उनकी अगली तीन पीढ़ियां याद रखेंगी’. अब तक, इस हिंसा के सिलसिले में कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि रैली में शामिल करीब 70 लोगों की पहचान की गयी है, जो ‘छात्र नहीं हैं’. नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन से उनका कोई लेना-देना नहीं था.


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By Mithilesh Jha

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