भवानीपुर में तृणमूल का कार्यकर्ता सम्मेलन आज, ममता तय करेंगी चुनावी रणनीति

राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अब पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को महानगर के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिये चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगी.

कोलकाता.

राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अब पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को महानगर के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिये चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगी. इसके बाद अगले सप्ताह से वह पूरे राज्य में व्यापक चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगी. सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम चेतला स्थित अहिंद्र मंच में यह कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा. इस बैठक में उम्मीदवार ममता बनर्जी के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी, तृणमूल के दक्षिण कोलकाता जिला अध्यक्ष देवाशीष कुमार, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम व भवानीपुर क्षेत्र के सभी पार्षद के मौजूद रहने की बात है. साथ ही सभी बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी इस सम्मेलन में शामिल होने का निर्देश दिया गया है. बताया जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव से पहले भवानीपुर में किये गये विकास कार्यों के प्रचार को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति तैयार करना है. तृणमूल नेतृत्व चाहता है कि हर बूथ पर मतदाताओं को सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी जाये. इस बीच, मतदाता सूची के विशेष संशोधन प्रक्रिया के तहत भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में नाम हटने का मुद्दा भी अहम बन गया है. जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में लगभग 47 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिये गये हैं, जिससे वर्तमान में मतदाताओं की संख्या काफी घट गयी है.

इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर पहले ही बीएलए व बीएलए-2 पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं. अब अहिंद्र मंच की बैठक में भी इन सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है.

क्या कहते हैं आंकड़े

राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें, तो पिछले लोकसभा चुनाव में भवानीपुर क्षेत्र से तृणमूल उम्मीदवार माला राय करीब 6.5 हजार वोटों से आगे रहीं, लेकिन पांच वार्डों में भाजपा को बढ़त मिली थी. यही कारण है कि इस बार पार्टी ने विशेष रणनीति बनायी है. केएमसी के वार्ड संख्या 63, 70, 71, 72 और 73 की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को सौंपी गयी है, जबकि वार्ड 74, 77 और 82 की जिम्मेदारी तृणमूल नेता फिरहाद हकीम को दी गयी है.

हालांकि, इस बार के चुनाव में हर नेता और कार्यकर्ता की जिम्मेदारी क्या होगी, इसे लेकर मुख्यमंत्री स्वयं कार्यकर्ता सम्मेलन में स्पष्ट दिशानिर्देश दे सकती हैं. पार्टी पहले ही पार्षदों को निर्देश दे चुकी है कि वे बंगाल का विकास घर-घर, घर की बेटी भवानीपुर में जैसे नारों के जरिये जनसंपर्क अभियान को मजबूत करें और लोगों तक विकास कार्यों का विवरण पहुंचायें.

दूसरी ओर, इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प और चुनातीपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा ने यहां से अपने वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता शुभेंदु को उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने पहले ही प्रचार शुरू कर दिया है. ऐसे में तृणमूल किसी भी तरह की ढिलाई या आत्मसंतोष से बचना चाहती है और शीर्ष नेतृत्व लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है. तृणमूल सूत्रों के अनुसार, भवानीपुर में मतदान अंतिम चरण में 29 अप्रैल को होना है, लेकिन रविवार की इस कार्यकर्ता बैठक से पूरे महीने चलने वाले प्रचार अभियान की रूपरेखा तय कर दी जायेगी. मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं को यह भी बता सकती हैं कि किस तरह चरणबद्ध तरीके से प्रचार को आगे बढ़ाया जायेगा.

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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