कोलकाता.
अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी अब तेज आवाज के बजाय उसकी प्रतिध्वनि पर अधिक ध्यान देने की योजना बना रही है. चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही पार्टी के मुख्य चेहरा होंगे और उनका चुनावी अभियान दिसंबर से शुरू होने की संभावना है. भाजपा सूत्रों के अनुसार, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान शनिवार या रविवार को प्रधानमंत्री बंगाल में अपनी पहली चुनावी सभा कर सकते हैं. अनुमान है कि प्रदेश में उनकी 14 से 15 जनसभाएं आयोजित हो सकती हैं. बंगाल में चुनाव की घोषणा में अभी कम से कम तीन महीने का समय बाकी है. यदि भाजपा दिसंबर से प्रचार शुरू करती है, तो किसी भी पार्टी को लगभग पांच महीने का सक्रिय प्रचार समय मिल सकता है. पार्टी की रणनीति है कि मोदी की 15 से अधिक सभाएं न करायी जायें, ताकि हर सभा का प्रभाव गहरा बना रहे. हालांकि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री कितनी सभाएं करेंगे, यह अभी तय नहीं है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री चाहे जितनी सभाएं करें, लेकिन इतना तय है कि अगले वर्ष होने वाले चुनाव में तृणमूल का सफाया हो जायेगा. एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि नरेंद्र मोदी पार्टी के सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं और उनकी पब्लिक अपील को लंबे समय तक असरदार बनाये रखना महत्वपूर्ण है. उनके अनुसार, यदि सभाओं की संख्या बहुत अधिक हो जाये, तो हर जगह नयी बात कहना संभव नहीं होता और प्रभाव कम हो सकता है. उन्होंने कहा, “मोदी जी जो भी संदेश देंगे, उसे पूरे राज्य में भाजपा के स्थानीय नेता प्रतिध्वनि की तरह दोहरायेंगे. इससे प्रधानमंत्री की अपील और मजबूत होगी.”डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
