शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में बढ़ी पार्थ चटर्जी की मुश्किलें, ED ने कोलकाता आवास पर मारा छापा

ED Raid Partha Chatterjee: शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने पार्थ चटर्जी और बिचौलिये प्रसन्ना रॉय के ठिकानों पर शनिवार को फिर छापेमारी की. तीन बार समन के बावजूद पेश नहीं हुए थे पार्थ. जानें क्या है पूरी खबर.

ED Raid Partha Chatterjee: पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले (SSC Scam) में शनिवार को एक बार फिर हड़कंप मच गया. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता पार्थ चटर्जी के खिलाफ नये सिरे से बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. शनिवार सुबह ईडी की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता स्थित पार्थ चटर्जी के आवास और उनके करीबियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब पार्थ चटर्जी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आये हैं.

जमानत के बाद ईडी का सर्च ऑपरेशन

अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की यह छापेमारी मनी लाउंडरिंग (PMLA) मामले की जांच का हिस्सा है. शनिवार सुबह केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ ईडी के अधिकारी पार्थ चटर्जी के आवास पर पहुंचे. इसके अलावा, इस घोटाले में कथित बिचौलिये के रूप में जेल में बंद प्रसन्ना कुमार रॉय के घर पर भी तलाशी ली गयी.

तीन बार समन के बाद भी नहीं हुए हाजिर

बताया जा रहा है कि नयी कार्रवाई पार्थ चटर्जी के उस रवैये के बाद की गयी है, जिसमें वे जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हो रहे थे. कक्षा 9 से 12 तक के सहायक शिक्षकों की भर्ती में हुए कथित घोटाले में पूछताछ के लिए ईडी ने उन्हें तीन बार बुलाया था. पार्थ चटर्जी तीनों बार जांच एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद ईडी ने सीधे उनके परिसरों पर धावा बोलने का फैसला किया.

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ED Raid Partha Chatterjee: 2022 से जारी है जांच

पार्थ चटर्जी को पहली बार जुलाई 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उनके करीबी के घर से करोड़ों की नकदी बरामद हुई थी.

  • कई स्तर पर जांच : संघीय जांच एजेंसी पार्थ चटर्जी के खिलाफ प्राथमिक शिक्षकों, एसएससी सहायक शिक्षकों के साथ-साथ ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों की भर्ती से जुड़े कई मामलों की गहनता से जांच कर रही है.
  • रणनीतिकार से आरोपी तक : वर्ष 2011 में ममता बनर्जी के सत्ता में आने के दौरान पार्थ पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और महासचिव रह चुके हैं, लेकिन घोटाले में नाम आने के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.

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राजनीतिक गलियारों में हलचल

पार्थ चटर्जी के ठिकानों पर दोबारा ईडी की दस्तक ने बंगाल की राजनीति में फिर से गर्मी बढ़ा दी है. चुनाव के इस माहौल में भ्रष्टाचार का यह मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में है.

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By Mithilesh Jha

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