हार से सीखकर ही बनते हैं कामयाब खिलाड़ी : ग्रैंडमास्टर दिब्येंदु बरुआ

खड़गपुर शहर से सटे खाटरांगा स्थित ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता

प्रतिनिधि, खड़गपुर. खड़गपुर शहर से सटे खाटरांगा स्थित ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय प्रथम ग्रिफिन्स इंटरनेशनल फाइड रेटेड रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया. इस आयोजन में चार वर्ष के नन्हे खिलाड़ियों से लेकर 74 वर्ष के बुजुर्गों तक, कुल 493 प्रतिभागियों ने अपनी दिमागी कसरत दिखायी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के दूसरे शतरंज ग्रैंडमास्टर और अर्जुन अवॉर्डी दिब्येंदु बरुआ थे. ग्रैंडमास्टर बरुआ ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि हर खिलाड़ी को हर प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए. प्रतियोगिता में किसी की जीत होती है, तो किसी की हार. हार से निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि हार से सीखकर जीतना ही कामयाब खिलाड़ी बनने का गुरुमंत्र है. ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभाओं को तराशना है. प्रतियोगिता के समापन पर सफल खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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