‘एक्स पिच ब्लैक 2026’ में राफेल दिखायेगा भारत का दम, कलाईकुंडा से ऑस्ट्रेलिया पहुंचा वायुसेना का दल

भारतीय वायुसेना का दल बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘एक्स पिच ब्लैक 2026’ में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गया है. राफेल लड़ाकू विमानों के साथ सी-17 और आईएल-78 जैसे खास विमान भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. यह युद्धाभ्यास इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा.

बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘एक्स पिच ब्लैक 2026’ में भाग लेने के लिए भारतीय वायुसेना का एक शक्तिशाली दल पश्चिम बंगाल के एयर फोर्स स्टेशन कलाईकुंडा से ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुका है. वहां भारतीय दल ने सैन्य अभ्यास में अपनी भागीदारी भी शुरू कर दी है. 7 अगस्त तक चलने वाले इस अभ्यास में 19 देशों की वायु सेना भाग ले रही है. भारतीय वायुसेना ने बताया है कि यह वैश्विक हवाई युद्धाभ्यास ऑस्ट्रेलिया के डार्विन स्थित रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) बेस पर आयोजित किया जा रहा है.

राफेल के साथ उड़ान भरेंगे सी-17 और आईएल-78 विमान

‘एक्स पिच ब्लैक 2026’ में भारतीय वायुसेना अपनी सर्वोच्च परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करेगी. इस मिशन के लिए भेजे गये दल में देश के सबसे अनुभवी पायलट, मिलिट्री इंजीनियर, तकनीशियन, रणनीतिक नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं. अभ्यास के दौरान भारतीय दल इन विमानों के साथ दमखम दिखायेगा.

  • राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Jets): भारत के अत्याधुनिक और अचूक राफेल लड़ाकू विमान इस युद्धाभ्यास में मुख्य भूमिका निभायेंगे.
  • सी-17 ग्लोबमास्टर-III (C-17 Globemaster-III): भारी-भरकम सैन्य साज-ओ-सामान और रणनीतिक परिवहन के लिए इसे तैनात किया गया है.
  • आईएल-78 (Il-78): हवा से हवा में ईंधन भरने वाले (Air-to-Air Refueling) इस विशेष विमान की मदद से लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी के ऑपरेशंस में बैकअप मिलेगा.

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युद्धाभ्यास का उद्देश्य और बंगाल का रणनीतिक जुड़ाव

‘एक्स पिच ब्लैक’ को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और जटिल बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यासों में गिना जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाना, संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता विकसित करना, आधुनिक युद्ध तकनीकों को साझा करना तथा बेहद संवेदनशील इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific) क्षेत्र में रक्षा सहयोग को और ज्यादा मजबूत बनाना है.

इंटरनेशनल ऑपरेशन में कलाईकुंडा की भूमिका अहम

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय अभियान में पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयर फोर्स स्टेशन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पूरा भारतीय दल इसी बेस से उड़ान भरकर ऑस्ट्रेलिया पहुंचा है. कलाईकुंडा एयरबेस भारतीय वायुसेना के शीर्ष सामरिक ठिकानों में से एक है और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभ्यासों के संचालन के लिए जाना जाता है.

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चौथी बार ‘पिच ब्लैक’ में शामिल हो रहा है भारत

भारतीय वायुसेना का इस प्रतिष्ठित अभ्यास में शामिल होने का एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. भारत इससे पहले वर्ष 2018, 2022 और 2024 में भी ‘एक्स पिच ब्लैक’ में अपनी ताकत का लोहा मनवा चुका है. वर्ष 2026 में एक बार फिर भारत की यह मजबूत भागीदारी वैश्विक मंच पर देश की सामरिक साझेदारी और परिचालन क्षमता (Operational Capability) को नयी ऊंचाइयों पर ले जायेगी.


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By Mithilesh Jha

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