खास बातें
Petrol Diesel Price Kolkata: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग का असर कोलकाता और आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है. तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी ताजा रेट के मुताबिक, कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें अब 113.47 रुपए प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गयी हैं. दिल्ली और मुंबई के मुकाबले बंगाल के लोगों को ईंधन के लिए कहीं ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है. डीजल की कीमतें भी 99.82 रुपए पर पहुंच गयीं हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी होने और सब्जियों के दाम बढ़ने की आशंका गहरा गयी है.
कोलकाता में सबसे ज्यादा मार
ईंधन की कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी ने कोलकाता को देश के सबसे महंगे महानगरों की सूची में शीर्ष पर पहुंचा दिया है.
- पेट्रोल की मार : कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है, जो दिल्ली (102.12 रुपए) के मुकाबले करीब 11 रुपए प्रति लीटर महंगा है.
- डीजल का ‘शतक’: डीजल 99.82 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है. एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे, तो अगले 48 घंटों में डीजल भी 100 रुपए का आंकड़ा पार कर जायेगा.
- वैट (VAT) का असर : बंगाल में ईंधन पर लगने वाले स्टेट टैक्सेज के कारण पड़ोसी राज्यों के मुकाबले यहां कीमतें हमेशा से ऊंची रही हैं, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.
बड़ा संकट : सीएनजी 93 रुपए, रसोई गैस 939 रुपए हुई
कोलकाता महानगर में केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि गैस की कीमतों ने भी लोगों का दम निकाल दिया है. कोलकाता में सीएनजी की कीमत 93.50 रुपए प्रति किलो पर स्थिर तो है, लेकिन यह दिल्ली-एनसीआर (83.09 रुपए) के मुकाबले 10 रुपए अधिक महंगी है. इससे ऐप-कैब और ऑटो चालकों ने किराये में बढ़ोतरी की मांग तेज कर दी है.
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LPG का बोझ भी कम नहीं
रसोई गैस के मोर्चे पर भी राहत नहीं है. कोलकाता में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अब 939 रुपए हो गयी है. 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,000 रुपए के पार पहुंच जाने के बाद माना जा रहा है कि रेस्तरां और स्ट्रीट फूड (रोल-चाऊमीन) के दाम जरूर बढ़ेंगे.
Petrol Diesel Price Kolkata: होर्मुज की टेंशन और बंगाल पर असर
ईंधन की कीमतों में इस ‘आग’ के पीछे वैश्विक और स्थानीय दोनों कारण हैं. वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई बाधित हुई है. भारत आने वाले तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है. बंगाल में माल ढुलाई मुख्य रूप से ट्रकों पर निर्भर है. डीजल महंगा होने से सिलीगुड़ी से लेकर बशीरहाट तक रोजमर्रा की चीजों की सप्लाई महंगी हो गयी है.
जनता में भारी रोष : कैसे चलेगी गृहस्थी?
कोलकाता के गरियाहाट और श्यामबाजार जैसे बाजारों में ग्राहकों और व्यापारियों के बीच गहरी चिंता देखी जा रही है. निजी बस मालिकों का कहना है कि अगर डीजल पर सब्सिडी या टैक्स में राहत नहीं मिली, तो सड़कों से बसें हटाना ही एकमात्र रास्ता बचेगा. मध्यमवर्गीय परिवारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महीने का पूरा बजट चरमरा गया है.
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