पेंशन वैधता कानून रद्द करने की मांग पर पेंशनरों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

आठवां वेतन आयोग गठित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी उठी मांग

आठवां वेतन आयोग गठित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी उठी मांग कोलकाता / नयी दिल्ली. देशभर के केंद्रीय सरकारी पेंशनरों के संगठनों के संयुक्त मंच ‘फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशंस’ के आह्वान पर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. प्रदर्शनकारियों ने संविधान के अनुच्छेद 14 के विरोधाभासी ‘पेंशन वैधता कानून–2025’ को रद्द करने, तुरंत आठवां वेतन आयोग गठित करने और उसकी संदर्भ शर्तों की घोषणा करने की मांग उठायी. साथ ही उन्होंने स्वायत्त केंद्रीय संस्थानों के पेंशन संशोधन को आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करने तथा बीएसएनएल, बैंक, बीमा आदि संस्थानों में लागू एनपीएस और यूपीएस प्रणाली समाप्त कर सभी के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस/पीएस) बहाल करने की भी मांग की. सभा की अध्यक्षता एनसीसीपीए के संरक्षक कॉमरेड बीएएन नाम्बूदिरी ने की. कार्यक्रम की शुरुआत में खड़गपुर आरआरइए की स्नेहा विश्वास ने एकल गीत प्रस्तुत किया. इस मौके पर प्रमुख वक्ताओं में कॉमरेड आर राघवेंद्रन (महासचिव, एनसीसीपीए), कॉमरेड नाम्बूदिरी, कॉमरेड एसपी जयराज, कॉमरेड बाल सुब्रमण्यम, कॉमरेड देबनाथ, कॉमरेड अशोककांति घोष, कॉमरेड उज्ज्वल रमन सिंह (सांसद, इलाहाबाद), कॉमरेड श्रीधर, कॉमरेड तपन सेन (सीटू), कॉमरेड अमरजीत कौर (एआइटीयूसी) और कॉमरेड पीयूष राय शामिल थे. देश के विभिन्न हिस्सों से आये सैकड़ों पेंशनर अपने संगठनों के बैनर और मांगों वाले पोस्टर लेकर रैली में शामिल हुए. सभा के बाद फोरम के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ‘चार्टर ऑफ डिमांड्स’ (दावापत्र) सौंपा.

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Published by: Sandip tiwari

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