कोलकाता.
भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने का आग्रह किया, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक भी अपात्र मतदाता का नाम मसौदा सूची में शामिल न हो. श्री अधिकारी ने कहा कि कुछ बीएलओ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रति कथित रूप से निष्ठा दिखा रहे हैं और एक राजनीतिक पार्टी के पक्ष में काम करने का प्रयास कर रहे हैं. शुभेंदु ने यह भी कहा कि अधिकांश बीएलओ एसआइआर को समय-सीमा पर पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ‘काम करने में उनकी (बीएलओ) अनिच्छा के बारे में झूठ फैलाकर’ डराने का प्रयास कर रही है. विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘राज्य का एक भी वास्तविक नागरिक एसआइआर के बारे में आशंकित नहीं हैं, ना ही उन्हें डर है कि कहीं उन्हें डिटेंशन सेंटर में न भेज दिया जाये, क्योंकि वे ममता बनर्जी और उनके लोगों की झूठी कहानी को समझ गये हैं.’शुभेंदु अधिकारी ने दोहराया कि एसआइआर प्रक्रिया पूरी हो जाने पर लगभग एक करोड़ घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये जायेंगे. उन्होंने चेतावनी दी, ‘घुसपैठिये बांग्लादेशी, रोहिंग्या, तुरंत देश से भाग जायें, इससे पहले कि हमें आपमें से हर एक का पता लगाना पड़े और आपको निर्वासित करना पड़े.’ भाजपा नेता ने कहा कि सभी समुदायों के भारतीय नागरिकों को एसआइआर प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल बांग्लादेशी मुसलमानों और म्यांमार से आये रोहिंग्याओं को ही वापस भेजा जायेगा, जबकि ‘बांग्लादेश या पाकिस्तान में उत्पीड़न का सामना कर रहे हिंदुओं को नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के तहत नागरिकता प्रदान की जायेगी.’
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