New Farakka Train Services Restored: पूर्व रेलवे ने न्यू फरक्का और तिलडांगा के बीच प्रभावित रेलखंड में रेलवे लाइन की मरम्मती के बाद ट्रेन सेवा बहाल कर दिया है. सभी आवश्यक कार्य एवं सुरक्षा जांच के बाद इस रेलखंड पर सामान्य ट्रेन सेवाएं शुरू कर दी गयीं हैं. पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने शनिवार की रात यह जानकारी दी.
2-3 सितंबर की रात हुआ था भू-धंसान
शिबराम माझी ने बताया कि 2-3 सितंबर 2026 को मालदा जिले में लगातार हुई भारी वर्षा के कारण न्यू फरक्का और तिलडांगा के बीच जमीन धंस गयी. अप और डाउन लाइनों के बीच तटबंध से पानी का रिसाव तथा अप दिशा की तरफ पास में तालाब होने की वजह से स्थिति और गंभीर हो गयी. इसकी वजह से मिट्टी का कटाव हुआ और चिकनी मिट्टी से भरी जमीन कमजोर पड़ गयी. इससे अप लाइन पर रेलवे ट्रैक धंस गया.
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पैट्रोलमैन ने सबसे पहले देखा रेलवे लाइन का असंतुलन
मानसून गश्त के लिए तैनात सतर्क पैट्रोलमैन ने समय रहते ट्रैक के असंतुलन का पता लगा लिया. इससे तत्काल एहतियाती कदम उठाये गये. स्थायी पथ निरीक्षक और आपातकालीन दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया.
युद्ध स्तर पर चला ट्रैक बहाली का काम
पूर्व रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चला. पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने खुद मौके पर पहुंचकर मरम्मती के काम का जायजा लिया. इस दौरान प्रधान मुख्य इंजीनियर विक्रम गुप्ता के अलावा मालदा मंडल के अधिकारियों, इंजीनियरों, पर्यवेक्षकों तथा सैकड़ों अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को सुरक्षित एवं शीघ्र बहाल करने के लिए बिना रुके लगातार काम किया.
ऐसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में हमारी प्राथमिकता अपने यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता किये बिना ट्रेन सेवाओं को शीघ्र बहाल करना है. हमारी पैट्रोलिंग टीम की समय पर सतर्कता तथा हमारे अधिकारियों और कार्यबल का चौबीसों घंटे समर्पित प्रयास, यात्री सुरक्षा और सुचारु कनेक्टिविटी के प्रति पूर्व रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है. -गीतिका पांडेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे
200 कर्मचारियों ने लगातार किया काम
- प्रभावित स्थान पर व्यापक रेल पाइलिंग, स्टोन डस्ट भराई, बैलास्ट पैकिंग और अन्य जरूरी काम किये गये.
- शुरू में 6 पाइलिंग रिग और लगभग 200 अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को तैनात किया गया.
- रातभर चले अभियान को मजबूत करते हुए अतिरिक्त 100 स्थानीय श्रमिकों तथा आजिमगंज से 100 श्रमिकों को भी लगाया गया.
- स्टोन डस्ट के 7 वैगन घटनास्थल पर पहुंचाये गये.
- सुजनीपाड़ा के मानसून रिजर्व से 10 वैगन और जमालपुर, भागलपुर और मालदा टाउन में तैनात 18 अन्य वैगन भी बहाली कार्य में सहायता के लिए तैयार रखे गये.
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यात्रियों की सुविधा का रखा गया पूरा खयाल : माझी
माझी ने कहा कि पूर्व रेलवे ने यात्रियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने के लिए हरसंभव प्रयास किया. इसके तहत विनियमित ट्रेन परिचालन, ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन, नियंत्रित गति से ट्रेनों का संचालन तथा अन्य आवश्यक परिचालन व्यवस्थाएं की गयीं. यात्रियों के लिए तत्काल आपातकालीन खानपान सुविधाओं (भोजन, जलपान और पैकेज्ड पेयजल) की व्यवस्था की गयी.
तिलडांगा में बना अस्थायी खानपान काउंटर
पूर्व रेलवे के मुताबिक, तिलडांगा में एक अस्थायी खानपान काउंटर स्थापित किया गया, जबकि बल्लालपुर में स्थानीय खानपान व्यवस्था के जरिये ताजा खाद्य सामग्री और पेयजल उपलब्ध कराया गया. मालदा से अतिरिक्त आपूर्ति भी भेजी गयी. न्यू फरक्का जंक्शन पर रेलवे के मौजूदा खानपान स्टॉल पूरी रात पर्याप्त स्टॉक के साथ चलते रहे.
ट्रैक, प्वाइंट और ओएचई का विस्तृत निरीक्षण
ट्रैक मरम्मती का काम पूरा होने के बाद रेलखंड पर ट्रैक, प्वाइंट और ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) का विस्तृत निरीक्षण किया गया. सभी सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद गीतिका पांडेय की उपस्थिति में एक बीसीएम खाली ट्रायल रन पूरा किया गया. सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद यात्री ट्रेनों का सामान्य परिचालन शुरू कर दिया गया.
