डब्ल्यूबीसीएस परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल हो नेपाली

उन्होंने शून्यकाल के दौरान नियम-351 के तहत यह मुद्दा उठाया और राज्य सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया.

कालचीनी से भाजपा विधायक ने विधानसभा में रखी मांग कोलकाता. विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान मंगलवार को कालचीनी (अलीपुरद्वार) से भाजपा विधायक विशाल लामा ने पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (डब्ल्यूबीसीएस) परीक्षा में नेपाली और गोरखा भाषा को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने की मांग की. उन्होंने शून्यकाल के दौरान नियम-351 के तहत यह मुद्दा उठाया और राज्य सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया. लामा ने कहा कि नेपाली भाषा में पढ़कर और उच्च शिक्षा प्राप्त करके डब्ल्यूबीसीएस तथा अन्य सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को वर्तमान व्यवस्था में काफी असुविधा हो रही है, क्योंकि डब्ल्यूबीसीएस में वैकल्पिक विषयों की सूची में नेपाली शामिल नहीं है. इससे विशेष रूप से दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, तराई, डुआर्स और उत्तर बंगाल के अन्य क्षेत्रों के गोरखा और आदिवासी समुदायों के छात्र प्रभावित हो रहे हैं, जो कि कहीं न कहीं गोरखा-नेपाली भाषी विद्यार्थियों के साथ अन्याय है. उन्होंने डब्ल्यूबीसीएस परीक्षा में नेपाली को अविलंब वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने की मांग की. लामा ने इस बात पर जोर दिया कि नेपाली भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत एक संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त भाषा है. नेपाली, हिंदी, संथाली और उर्दू में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की एक बड़ी संख्या है और इन भाषाओं को डब्ल्यूबीसीएस परीक्षा से बाहर रखने से उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और आकांक्षाएं कमजोर होती हैं.

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Published by: Ganesh mahto

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