मुख्य बातें
Ministers of West Bengal:कोलकाता: आज जंगलमहल में उत्सव का माहौल है. खुदीराम टुडू ने ब्रिगेड में मंत्री पद की शपथ ली है. खुदीराम टुडू जंगलमहल का एक बहुत ही महत्वपूर्ण चेहरा हैं. बांकुड़ा का रानीबांध आदिवासी बहुल विधानसभा क्षेत्र है. माओवादी कभी इस जंगलमहल में सक्रिय थे. इस जंगलमहल में एक के बाद एक कई शव गिरे हैं. यह इलाका कभी सीपीएम का गढ़ हुआ करता था. खुदीराम टुडू ने इस क्षेत्र में लंबे समय तक सीपीएम के खिलाफ लड़ाई लड़ी है. वे हर विधानसभा चुनाव लड़ते थे, लेकिन हार जाते थे. फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी.
संथाली भाषा में शपथ ली
खुदीराम टुडू को कैबिनेट में जगह देकर जंगलमहल और पिछड़े समुदाय को यह संदेश दिया गया कि भाजपा उन पर भी नजर रख रही है. उनके विकास पर भी जोर दिया जा रहा है. आज शपथ लेने वाले पांच लोगों में खुदीराम टुडू भी शामिल हैं. खुदीराम ने आज जंगलमहल के प्रतिनिधि के रूप में संथाली भाषा में शपथ ली. इस चुनाव में खुदीराम के खिलाफ तृणमूल की उम्मीदवार तनुश्री हांसदा थीं. खुदीराम टुडू को 1,31,145 वोट मिले. उन्होंने 52,269 वोटों के अंतर से यह चुनाव जीता.
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आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित
खुदीराम टुडू मुख्य रूप से भारत ज़कात मांझी परगना महल (बीजेएमपीएम) नामक सामाजिक संगठन से जुड़े हैं और आदिवासी समुदाय के अधिकारों और संताली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण के आंदोलन में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. आदिवासी समुदाय में उनकी काफी लोकप्रियता है. वे पेशे से शिक्षक भी हैं. आदिवासी समुदाय में समाज निर्माण में वे माहिर हैं. आज मंच पर खुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली. बंगाल की राजनीति में इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
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