Manish Gupta Quits TMC: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 21 जुलाई को आयोजित होने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वार्षिक ‘शहीद दिवस’ रैली से ठीक पहले एक बड़े नेता ने पार्टी से दूरी बनाने के संकेत दिये हैं. राज्य के पूर्व नौकरशाह, पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष गुप्ता ने मीडिया के समक्ष पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है.
औपचारिक रूप से अभी नहीं दिया इस्तीफा
मनीष गुप्ता ने साफ कहा कि कि पार्टी में अब उनके लिए योगदान देने या करने योग्य कुछ नहीं बचा है. इसलिए समय नष्ट करने की बजाय उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं सौंपा है. उन्होंने कहा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को अपना त्यागपत्र भेज देंगे.
मैंने तृणमूल से अलग होने का फैसला कर लिया : गुप्ता
पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए मनीष गुप्ता ने कहा- इस पार्टी में अब मेरे लिए करने के लिए कुछ नहीं बचा है. इसलिए मैंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया है. मैं जल्द ही अपना औपचारिक इस्तीफा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेज दूंगा.
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नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की खुलकर की तारीफ
पार्टी छोड़ने के ऐलान के साथ ही मनीष गुप्ता ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा- शुभेंदु अधिकारी एक अत्यंत कुशल और योग्य प्रशासक हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि वह पश्चिम बंगाल को विकास की नयी ऊंचाइयों तक लेकर जायेंगे.
भाजपा में शामिल होने के सवाल पर साधी चुप्पी
हालांकि, जब पत्रकारों ने पूर्व नौकरशाह से सवाल पूछा कि क्या वह भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और चुप्पी साध ली.
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1993 के चर्चित गोलीकांड से जुड़ा रहा है नाम
मनीष गुप्ता 21 जुलाई 1993 को तत्कालीन राइटर्स बिल्डिंग अभियान के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस फायरिंग की घटना के समय पश्चिम बंगाल के गृह सचिव (Home Secretary) थे. उस गोलीकांड में 13 लोगों की जान चली गयी थी. इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति में वर्षों तक विवाद रहा.
2011 में ममता ने टीएमसी में शामिल करवाया
वर्ष 2011 में पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मनीष गुप्ता को राजनीति में लेकर आयीं. इतना ही नहीं, अपनी सरकार में गुप्ता को मंत्री भी बनाया था.
