टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की ‘भतीजी’ वृष्टि मुखर्जी ने की आत्महत्या, बीरभूम में फांसी के फंदे से झूलती मिलीं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी वृष्टि मुखर्जी बीरभूम के रामपुरहाट में अपने घर में मृत मिली हैं. 28 वर्षीय वृष्टि ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि नौकरी जाने के बाद से वह तनाव में थीं.

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी की भतीजी वृष्टि मुखर्जी मंगलवार को अपने घर में मृत मिलीं. मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कुसुम्बा गांव स्थित घर में फांसी के फंदे से झूलती मिलीं. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. परिवार के सदस्यों ने बताया कि वृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ वर्षों से अवसाद से जूझ रही थीं. उनका इलाज चल रहा था.

शादी के बाद से परेशान रहती थी वृष्टि

बताया जा रहा है कि वृष्टि का एक 12 साल का बेटा है. वृष्टि के घर रसोइया के रूप में काम करने वाली दीपाली के अनुसार, शादी के बाद से वृष्टि काफी परेशान रहती थीं. उनके वैवाहिक जीवन में तनाव था. शादी टूटने की नौबत आ गयी थी. हालांकि, इन परिस्थितियों का उनकी मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह अभी जांच का विषय है.

बृष्टि अपने कमरे में अकेली रहती थीं. हमसे ज्यादा बात नहीं करती थीं. पिछले कुछ दिनों में हममें से किसी ने भी उन्हें बाहर नहीं देखा. वह पारिवारिक और पेशेवर कारणों से तनाव में थीं. तलाक की प्रक्रिया की वजह से वह ज्यादा परेशान रहने लगीं थीं. -रिश्तेदार

जांच में जुटी पुलिस, परिवार और पड़ोसियों से हो रही पूछताछ

पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने जांच के तहत परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस ने कहा है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है. हालांकि, मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. घटना के बाद कुसुम्बा गांव से लेकर रामपुरहाट तक शोक का माहौल है.

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मार्च 2023 में चली गयी थी वृष्टि की नौकरी

कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वृष्टि मुखर्जी (28) ने बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उनकी नौकरी चली गयी थी. हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया है कि वृष्टि ने कैसे आत्महत्या की.

स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ थी ममता की भतीजी

ग्रामीणों ने बताया कि वृष्टि मुखर्जी एक स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ थीं. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के स्कूलों में हुई नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिये थे. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी नियुक्तियों में कथित अनियमितता के आरोपों के बाद तमाम नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिये थे.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से चली गयी थी 26000 लोगों की नौकरी

इस आदेश के तहत 26,000 शिक्षकों और गैर-शिक्षकों यानी टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की नौकरी चली गयी थी, क्योंकि इनलोगों पर गैरकानूनी तरीके से नौकरी हासिल करने के आरोप थे. आरोप यह भी था कि बड़े पैमाने पर नेताओं के करीबी लोगों को चेहरा देखकर नौकरी दी गयी थी. बड़ी संख्या में लोगों ने रिश्वत देकर नौकरी ली थी.

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ममता बनर्जी से क्या है रिश्ता?

वह तृणमूल कांग्रेस के रामपुरहाट नंबर-1 ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष निहार मुखोपाध्याय की बेटी थीं. स्थानीय स्तर पर निहार मुखोपाध्याय की पहचान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ममेरे भाई और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के मामा के रूप में है. इसी रिश्ते के आधार पर वृष्टि को ममता बनर्जी की भतीजी बताया जा रहा है. हालांकि, इस रिश्ते की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गयी है.

राजनीति में सक्रिय हैं वृष्टि के माता-पिता

निहार मुखोपाध्याय कुसुम्बा पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं. जनवरी 2024 में उन्हें रामपुरहाट नंबर-1 ब्लॉक का तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था. उनकी पत्नी पम्पा मुखोपाध्याय भी पंचायत राजनीति से जुड़ी रही हैं.

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