ममता बनर्जी ने दिखाये आक्रामक तेवर, कहा- मुझे रोकना है तो मार डालो, गद्दारों के आगे नहीं झुकूंगी

Mamata Banerjee Defiant Statement: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक घमासान के बीच ममता बनर्जी का आक्रामक बयान सामने आया है. बागी गुट को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा- मुझे रोकने के लिए मुझे जान से मारना होगा. झुकूंगी नहीं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Mamata Banerjee Defiant Statement: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में छिड़ा आंतरिक गृहयुद्ध आक्रामक बयानों के दौर में पहुंच गया है. शनिवार को पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे और उनके बागी खेमे में शामिल होने के बाद तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आक्रामक तेवर दिखाये. विक्षुब्ध और बागी नेताओं को सीधे तौर पर गद्दार (Traitors) करार देते हुए ममता बनर्जी ने कहा- अगर मुझे राजनीतिक रूप से रोकना चाहते हो, तो तुम्हें पहले मुझे जान से मारना होगा.

पार्टी सिंबल कहीं नहीं जायेगा, बागियों को भुगतना होगा अंजाम : ममता बनर्जी

रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी धड़े द्वारा निर्वाचन आयोग (ECI) के समक्ष ‘असली टीएमसी’ होने और दो-तिहाई बहुमत का दावा करने पर ममता बनर्जी ने सख्त तेवर दिखाये. फेसबुक लाइव में उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक चुनाव चिह्न (जोड़ा फूल) हमेशा उनके प्रति वफादार रहने वाले धड़े के पास ही रहेगा, इसे कोई छीन नहीं सकता. विश्वासघात करने वाले बागियों को बेहद गंभीर कानूनी नतीजे भुगतने होंगे.

ममता बनर्जी ने सलाहकार का पद ठुकराया

बागी गुट द्वारा ममता बनर्जी को सम्मान के तौर पर नये धड़े का ‘मुख्य सलाहकार’ बनने का जो प्रस्ताव दिया गया था, उसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया. बंगाल की पूर्व चीफ मिनिस्टर ने साफ कहा- मैं गद्दारों के साथ कभी हाथ नहीं मिलाऊंगी.

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चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर दीदी – मुझे पहले से पता था

शनिवार को ममता बनर्जी की सबसे खास सिपहसालार रहीं चंद्रिमा भट्टाचार्य के अचानक इस्तीफे और विधानसभा में बागी नेता रीतब्रत बनर्जी से मुलाकात करने पर भी दीदी ने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चंद्रिमा के इस्तीफे से वे हैरान नहीं हैं, क्योंकि चंद्रिमा ने इस फैसले के बारे में उन्हें पहले ही सूचित कर दिया था. उन्होंने कहा- चंद्रिमा का बेटा पहले ही टीएमसी विरोधी बागी खेमे से हाथ मिला चुका था. इसलिए शायद उन्होंने भी दबाव में आकर यह कदम उठाया है.

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यह तृणमूल है, भाजपा के आगे नहीं झुकेंगे : ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस पूरे राजनीतिक विद्रोह के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ है. उन्होंने कहा कि उनके कई विधायक और नेता केंद्रीय एजेंसियों और बाहरी राजनीतिक दबाव के कारण पार्टी से दूर भाग रहे हैं. लेकिन वे स्पष्ट कर देना चाहती हैं कि वे न तो भाजपा के सामने कभी सिर झुकायेंगीं और न ही उनकी पार्टी किसी भी तरह के दबाव में आकर आत्मसमर्पण करेगी.

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Mamata Banerjee Defiant Statement: रीतब्रत गुट ने टीएमसी मुख्यालय पर किया कब्जा

बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रीतब्रत बनर्जी के समर्थकों ने कोलकाता में टीएमसी मुख्य मुख्यालय (पार्टी ऑफिस) पर भी कब्जा कर लिया है. ममता बनर्जी के इस बेहद आक्रामक और ‘आर-पार’ वाले रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में टकराव और कानूनी जंग और तेज होने वाली है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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